मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में लोकायुक्त पुलिस सागर ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ एमपीडब्ल्यू देशराज घोष को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। आरोप है कि कर्मचारी ने एक व्यक्ति से कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी दिलाने के नाम पर पैसों की मांग की थी।
जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता अरविंद राजपूत ने लोकायुक्त पुलिस सागर से रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया कि आरोपी ने नौकरी दिलाने के बदले कुल 80 हजार रुपये की मांग की थी। शिकायत की पुष्टि के बाद लोकायुक्त टीम ने योजना बनाकर ट्रैप कार्रवाई की। जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी को 10 हजार रुपये की रिश्वत की पहली किस्त दी, लोकायुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
मामले में एक अन्य शिकायतकर्ता नरेंद्र ने भी आरोप लगाया है कि आरोपी देशराज घोष पहले उससे 5 लाख रुपये ले चुका है। इस कथित लेनदेन से जुड़ा वीडियो सामने आने की बात भी कही जा रही है। हालांकि, इस मामले में लोकायुक्त पुलिस द्वारा जांच की जा रही है।

लोकायुक्त सागर की टीम फिलहाल आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। अधिकारियों द्वारा आगे की वैधानिक कार्रवाई पूरी की जा रही है।
आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच अभी जारी है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच प्रक्रिया और न्यायिक कार्रवाई पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।