Home Breaking News मोदी सरकार का बड़ा फैसला, देश का कोई नागरिक जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में अब जमीन खरीद सकता है

मोदी सरकार का बड़ा फैसला, देश का कोई नागरिक जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में अब जमीन खरीद सकता है

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केंद्र की मोदी सरकार ने मंगलवार को एक बड़ा फैसला किया है। जम्मू कश्मीर और लद्दाख में अब देश का कोई नागरिक जमीन खरीद सकता है और वहां बस सकता है। इसके लिए अब जम्मू कश्मीर का नागरिक होने की जरूरत नहीं है।

शर्त ये है कि ये जमीन आपको सिर्फ उद्योग लगाने के लिए मिलेगी। आज से ये नियम लागू हो गया है। गृह मंत्रालय ने मंगलवार को इसके तहत नई अधिसूचना जारी की है। हालांकि खेती की जमीन को लेकर रोक जारी रहेगी।

ध्यान रहे कि पहले जम्मू-कश्मीर में सिर्फ स्थानीय लोग ही जमीन खरीद या बेच सकते थे। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अब जमीन को लेकर जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के तहत फैसला लिया है।

5 अगस्त 2019 को भारत सरकार ने संसद में बिल पास कर धारा 370 और अनुच्छेद 35 ए को हटा दिया था और राज्य का बाइफिरकेशन कर दिया था। धारा 370 हटाने के दौरान कश्मीर के प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया गया था।

साथ ही जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया था। इस फैसले के एक साल से अधिक हो चुके हैं। अब केंद्र ने जमीन के कानून में बदलाव किया है।

गृह मंत्रालय ने अपनी विज्ञप्ति में कहा कि इस आदेश को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (केंद्रीय कानूनों का अनुकूलन) तीसरा आदेश, 2020 कहा जाएगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

आदेश में कहा गया है कि सामान्य आदेश अधिनियम, 1897 इस आदेश की व्याख्या के लिए लागू होता है क्योंकि यह भारत के क्षेत्र में लागू कानूनों की व्याख्या के लिए लागू होता है।

वहीं जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के अनुसार, हम चाहते हैं कि बाहर के उद्योग जम्मू-कश्मीर में स्थापित हों, इसलिए औद्योगिक भूमि में निवेश की जरूरत है। लेकिन खेती की जमीन सिर्फ राज्य के लोगों पास ही रहेगी।

बता दें कि इससे पहले जम्मू-कश्मीर में सिर्फ वहां के निवासी ही जमीन की खरीद-फरोख्त कर सकते थे। मोदी सरकार की नई अधिसूचना के मुताबिक अब बाहर के लोग भी यहां जमीन खरीद सकते हैं।

गृह मंत्रालय ने ये फैसला जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के अंतर्गत लिया है। इसके तहत अब कोई भी भारतीय जम्मू-कश्मीर में फैक्ट्री, घर या दुकान के लिए जमीन खरीद सकता है। इसके लिए उसे किसी भी तरह के स्थानीय निवासी होने का सबूत देने की जरूरत नहीं होगी।

बता दें कि केंद्र सरकार ने पिछले साल अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी कर दिया था। इसके बाद 31 अक्तूबर 2019 को जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश बन गया था। अब इसके केंद्र शासित प्रदेश बनने के एक साल बाद जमीन के कानून में बदलाव किया गया है।

आप को बता दे कि धारा 370 जम्मू कश्मीर को एक विशेष दर्जा देती थी। जम्मू कश्मीर का अपना संविधान था। जम्मू कश्मीर का झंडा भी अपनाथा। केन्द्र से पारित कोई भीकानून जम्मू कश्मीर की विधानसभा में मंजूरी के बाद भी राज्य में लागू किया जाता था।

जम्मू कश्मीर में इंडियन पिनल कोड नहीं बल्कि रनबीर पिनलकोड के तहत मामले दर्ज किये और सुलझाए जाते थे। जम्मू कश्मीर में भारत के बाहरी राज्यों को जमीन लेने या नौकरी पाने का अधिकार नहीं था।

गृहमंत्री अमित शाह ने संसद में कहा था कि हालात सामान्य होनेपर जम्मूकश्मीर को उसका विशेष दर्जा वापस कर दिया जाएगा और लोग किसी तरह की अफवाहों पर यकीन न करें।

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