नालंदा, बिहार। जिले के रहुई प्रखंड की पेशौर और उत्तरनावां पंचायत में ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए सहयोग शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के साथ आवेदन प्राप्त किए गए। हालांकि, प्रधानमंत्री आवास योजना की लाभार्थी सूची में पात्र ग्रामीणों के नाम शामिल नहीं होने की शिकायत ने योजना के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पेशौर पंचायत में आयोजित शिविर का उप विकास आयुक्त (डीडीसी) सारा अशरफ ने निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का जायजा लिया, आवेदनों की स्थिति जानी और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान तैयार प्रमाण पत्र भी लाभार्थियों को वितरित किए गए। पंचायत के मुखिया आशीष कुमार के अनुसार, शिविर में कुल नौ आवेदन मिले। इनमें चार प्रधानमंत्री आवास योजना और पांच आईसीडीएस विभाग से संबंधित थे। उन्होंने बताया कि सभी आवेदनों का मौके पर ही निष्पादन कर दिया गया।
प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची को लेकर ग्रामीणों ने अपनी नाराजगी जाहिर की। मुखिया आशीष कुमार ने बताया कि पंचायत में 600 से अधिक लोगों का सर्वे किया गया था, जबकि सूची में 300 से अधिक लोगों के नाम शामिल हुए हैं। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि पात्र होने के बावजूद उनका नाम सूची में नहीं आया है। इस स्थिति के कारण पंचायत प्रतिनिधियों को भी ग्रामीणों की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है। अब प्रभावित लोगों को उम्मीद है कि उनकी शिकायतों की जांच कर पात्रता के आधार पर उचित निर्णय लिया जाएगा।

उत्तरनावां पंचायत में आयोजित सहयोग शिविर में कुल 17 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें ओडीएफ से जुड़े सात, राजस्व विभाग के आठ, सामाजिक सुरक्षा का एक और शिक्षा विभाग का एक आवेदन शामिल था। अधिकारियों के अनुसार, शिविर में प्राप्त सभी आवेदनों का निस्तारण कर दिया गया।
प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में नाम नहीं होने की शिकायत लेकर पहुंचे ग्रामीणों को बीडीओ धर्मराज कुमार ने जरूरी दस्तावेजों के साथ प्रखंड कार्यालय में आवेदन जमा करने की सलाह दी। वहीं, उत्तरनावां पंचायत के मुखिया सरयुग प्रसाद सिन्हा ने कहा कि सहयोग शिविरों से ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर ही सरकारी योजनाओं से जुड़ी सुविधाएं मिल रही हैं और उन्हें छोटी समस्याओं के लिए प्रखंड कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ते।
कार्यक्रम के दौरान बीपीआरओ शशि कुमार, कार्यक्रम पदाधिकारी शैलेंद्र प्रसाद, सीडीपीओ जया कुमारी, प्रखंड श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सुमित कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अब सबसे अहम सवाल यह है कि प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची से छूटे पात्र ग्रामीणों की शिकायतों की जांच कब होगी और उन्हें पक्का मकान उपलब्ध कराने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।