गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर में विजयादशमी के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, गोरक्षपीठाधीश्वर के रूप में मंदिर की पारंपरिक पूजा में शामिल हैं। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के बीच पर्व को लेकर उत्साह है। पूजा-अर्चना के बाद यहां से पारंपरिक विजय जुलूस निकाला जाएगा, जो गोरक्षपीठ की धार्मिक और ऐतिहासिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
विजयादशमी के पावन अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में सुबह से ही धार्मिक गतिविधियां जारी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंदिर में निर्धारित परंपराओं के अनुसार पूजा-अर्चना में शामिल हैं। गोरक्षपीठ में इस पर्व का विशेष महत्व है और हर वर्ष पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए जाते हैं।
गोरखनाथ मंदिर से निकलने वाला विजयादशमी का विजय जुलूस इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण होता है। इस जुलूस में नाथ संप्रदाय की परंपराओं और गोरक्षपीठ की ऐतिहासिक विरासत की झलक देखने को मिलती है। जुलूस के निकलने से पहले मंदिर परिसर में धार्मिक माहौल बना हुआ है और श्रद्धालु आयोजन को लेकर उत्साहित हैं।

गोरखनाथ मंदिर का विजयादशमी उत्सव धार्मिक आस्था के साथ-साथ नाथ संप्रदाय की विशिष्ट परंपराओं को भी दर्शाता है। पूजा-अर्चना के बाद निकलने वाला पारंपरिक जुलूस वर्षों से इस पर्व का अभिन्न हिस्सा रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस आयोजन के साक्षी बनने के लिए मंदिर पहुंचते हैं।
विजयादशमी को बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। गोरखनाथ मंदिर में विशेष पूजा और विजय जुलूस के माध्यम से इस पर्व की धार्मिक महत्ता को प्रदर्शित किया जाता है। फिलहाल मंदिर में पूजा-अर्चना जारी है और श्रद्धालुओं की निगाहें पारंपरिक विजय जुलूस के निकलने पर टिकी हैं।