1. हिन्दी समाचार
  2. मध्य प्रदेश
  3. MP BJP में बैठकों का दौर,मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने अटकलों को बताया बेबुनियाद

MP BJP में बैठकों का दौर,मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने अटकलों को बताया बेबुनियाद

भोपाल में BJP नेताओं की लगातार बैठकों और मुलाकातों से सियासी चर्चाएं तेज हैं। मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि हर मुलाकात को राजनीतिक बदलाव से जोड़ना सही नहीं।

By: BS Yadav 
Updated:
MP BJP में बैठकों का दौर,मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने अटकलों को बताया बेबुनियाद

भोपाल। मध्य प्रदेश बीजेपी की सियासत में इन दिनों नेताओं की लगातार हो रही बैठकों और मुलाकातों ने राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है। भोपाल से लेकर दिल्ली तक नेताओं की सक्रियता को लेकर सियासी गलियारों में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के आवास पर सांसदों की बैठक और मंत्रियों की आपसी मुलाकातों ने राजनीतिक हलकों का ध्यान खींचा है। लगातार हो रही इन बैठकों को लेकर जहां राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं, वहीं बीजेपी नेताओं की ओर से इन अटकलों को खारिज किया जा रहा है। मध्य प्रदेश के शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा कि नेताओं की हर मुलाकात और बैठक को राजनीतिक नजरिए से देखना उचित नहीं है।

राव उदय प्रताप सिंह के मुताबिक, नेताओं का एक-दूसरे से मिलना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने इसे मेल-मिलाप और संगठनात्मक गतिविधियों से जोड़ते हुए कहा कि इन बैठकों के पीछे किसी बड़े राजनीतिक बदलाव या सियासी भूचाल का संकेत तलाशना सही नहीं है।मंत्री के बयान के बाद भी मध्य प्रदेश की राजनीति में बैठकों का दौर चर्चा का विषय बना हुआ है। खास तौर पर वरिष्ठ नेताओं की दिल्ली और भोपाल में सक्रियता के कारण राजनीतिक विश्लेषकों और कार्यकर्ताओं के बीच कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं।

विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात को लेकर भी सियासी अटकलें लगाई जा रही हैं। वहीं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के आवास पर सांसदों की मौजूदगी और मंत्रियों की आपसी बैठकों ने भी राजनीतिक गतिविधियों को लेकर उत्सुकता बढ़ाई है। हालांकि, बीजेपी की ओर से लगातार यही संदेश दिया जा रहा है कि इन मुलाकातों को सामान्य राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधियों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए। पार्टी नेताओं का कहना है कि बैठकों और मुलाकातों का होना किसी बड़े बदलाव का संकेत नहीं है।

फिलहाल, बैठकों के इस दौर ने मध्य प्रदेश की सियासत में चर्चाओं को जरूर गर्म कर दिया है। अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में ये मुलाकातें सिर्फ सामान्य संगठनात्मक गतिविधियां साबित होती हैं या इनके पीछे कोई नया राजनीतिक समीकरण आकार लेता है। इस पर प्रदेश की राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...