ग्वालियर के शीतला माता मंदिर हादसे को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने घटना की सुरक्षा व्यवस्था और घायलों को समय पर उपचार मिलने के मुद्दे पर प्रदेश सरकार तथा प्रशासन से सवाल किए हैं। उन्होंने भोपाल स्थित एम्स पहुंचकर हादसे में घायल मरीजों से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भोपाल एम्स में भर्ती घायलों से मुलाकात कर उनके उपचार की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की। इससे पहले उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से मिलकर संवेदनाएं व्यक्त की थीं। पटवारी ने प्रभावित परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने और घायलों के बेहतर इलाज की आवश्यकता पर जोर दिया।
शीतला माता मंदिर हादसे को लेकर जीतू पटवारी ने सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि जब मंदिर परिसर में साइकिल ले जाने तक पर प्रतिबंध था, तो ट्रक वहां तक कैसे पहुंच गया? उन्होंने यह भी सवाल किया कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बावजूद उनकी सुरक्षा के लिए क्या व्यवस्थाएं की गई थीं। पटवारी ने घटना की निष्पक्ष जांच कराने और यदि प्रशासनिक लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने घायलों के उपचार में कथित देरी पर भी चिंता जताई। उनके अनुसार, हादसे में घायल कुछ लोगों को इलाज के लिए कई घंटों तक इंतजार करना पड़ा। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मांग की कि सभी घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में समय पर उपचार और उचित चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।
जीतू पटवारी ने अपने बयान में कफ सिरप से बच्चों की मौत, जहरीली शराब की घटनाओं और इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों का भी जिक्र किया। इन घटनाओं का हवाला देते हुए उन्होंने प्रदेश सरकार से जनसुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर सवाल किए। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और संकट के समय तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना सरकार की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ऐसी घटनाओं में जिम्मेदारी तय करने के साथ प्रभावी कार्रवाई भी होनी चाहिए।
जीतू पटवारी ने शीतला माता मंदिर हादसे की निष्पक्ष जांच कराने, प्रभावित परिवारों को उचित सहायता देने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही तय करने पर भी जोर दिया। अब इस मामले में जांच के निष्कर्ष और प्रशासन की ओर से उठाए जाने वाले कदम महत्वपूर्ण होंगे।