बिहार के नालंदा जिले में दुर्गा पूजा के दौरान आयोजित एक कार्यक्रम को लेकर विवाद सामने आया है। पावापुरी थाना क्षेत्र के चोरसुआ गांव में तीन दिवसीय आयोजन के दौरान बार-बालाओं से डांस कराए जाने के आरोप लगे हैं। मामले को लेकर कार्यक्रम की प्रकृति, अनुमति और पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं, राजगीर डीएसपी संजीत कुमार गुप्ता ने मामला संज्ञान में आने के बाद जांच कराने की बात कही है।
चोरसुआ गांव में दुर्गा पूजा के अवसर पर तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किए जाने की जानकारी सामने आई है। आरोप है कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन के नाम पर बार-बालाओं को बुलाकर डांस कराया जा रहा है। इसे लेकर कार्यक्रम के स्वरूप पर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, डांस की प्रकृति और आयोजन से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
मामले में यह जानना महत्वपूर्ण है कि आयोजकों को किस प्रकार की अनुमति दी गई थी और क्या कार्यक्रम के दौरान निर्धारित नियमों एवं शर्तों का पालन किया जा रहा था। इन बिंदुओं की जांच के बाद ही आयोजन से जुड़ी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

इस मामले में पावापुरी पुलिस की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, पुलिस की मिलीभगत या किसी प्रकार की सहायता किए जाने के आरोपों की अब तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही किसी जिम्मेदारी को लेकर स्पष्ट स्थिति बन सकेगी।
राजगीर के डीएसपी संजीत कुमार गुप्ता के मुताबिक, उन्हें शुरुआत में इस मामले की जानकारी नहीं थी। अब मामला संज्ञान में आने के बाद जांच कराई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
चोरसुआ गांव में आयोजित कार्यक्रम को लेकर अब जांच के निष्कर्षों का इंतजार है। कार्यक्रम की अनुमति, आयोजन के दौरान नियमों के पालन और लगाए गए आरोपों की वास्तविकता सामने आने के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल प्रशासन की जांच के बाद ही मामले में किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकेगा।