अंबाह, मुरैना । मध्यप्रदेश के मुरैना जिले के अंबाह-पोरसा क्षेत्र में कथित अवैध शराब बिक्री और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखी हैं। संगठन के विधानसभा अध्यक्ष विष्णु करोरिया ने एसडीओपी अंबाह को ज्ञापन सौंपकर अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने और पुलिस से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी है कि 30 दिनों के भीतर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने पर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा।
संगठन की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि अंबाह-पोरसा क्षेत्र के कई गांवों, चौराहों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों के आसपास अवैध रूप से शराब बेची जा रही है। पार्टी का कहना है कि इस गतिविधि से क्षेत्र के सामाजिक वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और युवाओं के भविष्य के साथ परिवारों की आर्थिक स्थिति भी प्रभावित हो रही है। ज्ञापन में अंबाह, नगरा, महुआ और पोरसा थाना क्षेत्रों में शिकायतों के आधार पर जांच कराने तथा संबंधित स्थानों पर निगरानी बढ़ाने की मांग की गई है।
आजाद समाज पार्टी ने ज्ञापन में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी कई आरोप लगाए हैं। संगठन का दावा है कि कुछ मामलों में एफआईआर दर्ज करने और गिरफ्तारी के दौरान कथित अनियमितताओं तथा अवैध वसूली से संबंधित शिकायतें सामने आई हैं। पार्टी ने इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पुलिस अधिकारियों का पक्ष भी सामने नहीं आया है।

ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने प्रशासन से निम्नलिखित मांगें की हैं:
अंबाह-पोरसा क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री पर तत्काल रोक लगाई जाए।
शिकायत वाले स्थानों की जांच कर नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
अवैध शराब बेचने वालों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई हो।
पुलिस की कार्यप्रणाली और कथित अवैध वसूली की शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
आम नागरिकों की शिकायतों की निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित की जाए।
30 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
संगठन के विधानसभा अध्यक्ष विष्णु करोरिया ने प्रशासन से मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई करने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 30 दिनों के भीतर अवैध शराब की बिक्री रोकने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो पार्टी संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगी। संगठन का कहना है कि अवैध शराब की बिक्री का मुद्दा सामाजिक शांति, परिवारों की सुरक्षा और युवाओं के भविष्य से जुड़ा है, इसलिए प्रशासन को इसे गंभीरता से लेना चाहिए।
ज्ञापन की प्रतिलिपि मध्यप्रदेश के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, गृह विभाग, मुरैना कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और आबकारी विभाग को भी भेजे जाने का उल्लेख किया गया है। संगठन ने संबंधित विभागों से मामले में हस्तक्षेप कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
आजाद समाज पार्टी की ओर से ज्ञापन सौंपे जाने के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस और जिला प्रशासन शिकायतों पर क्या कदम उठाते हैं। फिलहाल, ज्ञापन में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।