भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गांवों में सरकारी जमीन पर मकान बनाकर रह रहे परिवारों को बड़ी राहत देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री के अनुसार, ऐसे 50 लाख परिवारों को उनकी जमीन की रजिस्ट्री निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब और आदिवासी परिवारों को उनके आवास पर मालिकाना हक देकर सुरक्षा और सम्मान प्रदान करना है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकारी जमीन पर मकान बनाकर रह रहे पात्र परिवारों को मालिकाना हक देने से उन्हें अपने आवास को लेकर अधिक सुरक्षा मिल सकेगी। सरकार की इस पहल में ग्रामीण गरीबों और आदिवासी समुदायों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रामराज्य के संकल्प को साकार करने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने प्रत्येक बहन को पक्का मकान और इज्जत घर यानी शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराने के लक्ष्य पर भी जोर दिया। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर में सुधार लाना और बुनियादी सुविधाओं तक उनकी पहुंच बढ़ाना है।

डॉ. मोहन यादव के मुताबिक, मकान का मालिकाना हक मिलने से गरीब और आदिवासी परिवारों को सामाजिक सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। जमीन के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज परिवारों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार किसानों, ग्रामीण परिवारों और समाज के कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता लोगों के जीवन में खुशहाली लाना और जरूरतमंद परिवारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। हालांकि, निःशुल्क रजिस्ट्री की प्रक्रिया, पात्रता की शर्तों और योजना के क्रियान्वयन से संबंधित विस्तृत जानकारी आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी होने के बाद स्पष्ट होगी।