पलेरा, मध्य प्रदेश: मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 के तहत शासकीय संस्थाओं की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) विशाल धाकड़ ने पलेरा विकासखंड के विभिन्न गांवों का दौरा कर शासकीय स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों, उप स्वास्थ्य केंद्र और विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान एक आंगनवाड़ी केंद्र में गंभीर अनियमितता सामने आई, जिसके बाद संबंधित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को हटाने के निर्देश दिए गए।
पोषण एप में 49 बच्चों की उपस्थिति, मौके पर मिले सिर्फ 3-4
निरीक्षण के दौरान ग्राम सुनरई और ग्राम पंचायत जरूआ में संचालित शासकीय स्कूलों तथा आंगनवाड़ी केंद्रों का जायजा लिया गया। एक आंगनवाड़ी केंद्र में पोषण एप पर 49 बच्चों की उपस्थिति दर्ज पाई गई, जबकि मौके पर केवल 3 से 4 बच्चे ही उपस्थित मिले।ऑनलाइन दर्ज उपस्थिति और वास्तविक स्थिति में अंतर पाए जाने पर जिला पंचायत CEO विशाल धाकड़ ने नाराजगी जताई। उन्होंने महिला एवं बाल विकास अधिकारी को संबंधित आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को हटाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों की व्यवस्थाओं की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान CEO ने शैक्षणिक संस्थाओं और आंगनवाड़ी केंद्रों में उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को संस्थाओं का सुचारु संचालन सुनिश्चित करने, अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।
उप स्वास्थ्य केंद्र और विकास कार्यों का भी निरीक्षण
अभियान के तहत जिला पंचायत CEO ने ग्राम पंचायत खरों स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके साथ ही गांव में संचालित विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए विकास कार्यों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।
मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान का उद्देश्य
मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 का उद्देश्य शासकीय संस्थाओं की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी करना और आमजन तक सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है। निरीक्षण के दौरान सामने आई अनियमितता के बाद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से पालन करें और योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। अभियान के माध्यम से शासकीय व्यवस्थाओं में जवाबदेही तय करने और विकास कार्यों की गुणवत्ता बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।