भोपाल। मध्य प्रदेश में बिजली व्यवस्था को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में बिजली संकट के कारण आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जबकि सरकार व्यवस्था सुधारने में नाकाम साबित हो रही है। पटवारी ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के महल के बिजली बिल की तुलना गरीबों की झोपड़ियों में आने वाले बिजली बिलों से करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में गरीब परिवारों को हजारों रुपये से लेकर लाखों रुपये तक के बिजली बिल भेजे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कई परिवार भारी बिलों के बावजूद बिजली संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। पटवारी ने बिजली विभाग और संबंधित मंत्री की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आम जनता की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के 80 एकड़ में फैले महल का जिक्र करते हुए दावा किया कि उसके बिजली बिल की राशि एक गरीब की झोपड़ी के बिल से भी कम है। उन्होंने इसे बिजली बिल निर्धारण में कथित असमानता का उदाहरण बताते हुए सरकार से स्पष्टीकरण मांगा। पटवारी ने कहा कि एक तरफ बड़े महल में रोशनी है, जबकि दूसरी ओर गरीब परिवार अधिक बिल आने के बावजूद बिजली की समस्या झेल रहे हैं। हालांकि, उनके द्वारा किए गए बिजली बिल संबंधी दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
जीतू पटवारी ने कहा कि यदि मध्य प्रदेश में बिजली की पर्याप्त उपलब्धता है, तो सरकार को पहले प्रदेश के गांवों और आम उपभोक्ताओं की जरूरतों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने दिल्ली मेट्रो को बिजली देने के बजाय राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग उठाई। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी मांग की कि जिस आधार पर सिंधिया के महल का बिजली बिल तैयार किया गया है, उसी व्यवस्था के तहत गरीब परिवारों के बिजली बिलों की भी समीक्षा की जाए। फिलहाल, इस मुद्दे पर कांग्रेस ने सरकार से जवाब देने और बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान करने की मांग की है।