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मधुबनी के बासोपट्टी में आवारा कुत्तों का आतंक, तीन दर्जन से अधिक लोग घायल; वैक्सीन की कमी से बढ़ी परेशानी

मधुबनी के बासोपट्टी में आवारा कुत्तों के हमले में तीन दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉग बाइट वैक्सीन उपलब्ध नहीं होने से मरीजों को सदर अस्पताल भेजा जा रहा है। ग्रामीण अस्पतालों में भी वैक्सीन की कमी की शिकायतों के बीच स्वास्थ्य विभाग से पर्याप्त व्यवस्था करने की मांग उठ रही है।

By: Nivedita 
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मधुबनी के बासोपट्टी में आवारा कुत्तों का आतंक, तीन दर्जन से अधिक लोग घायल; वैक्सीन की कमी से बढ़ी परेशानी

मधुबनी। बिहार के मधुबनी जिले के बासोपट्टी प्रखंड में आवारा कुत्तों के हमलों से लोगों में दहशत फैल गई है। पिछले कई दिनों में दो कुत्तों ने तीन दर्जन से अधिक लोगों को काटकर घायल कर दिया है। घायलों में महिलाएं, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चे शामिल हैं। लगातार हो रही घटनाओं के कारण स्थानीय लोग घरों से बाहर निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं।

प्रखंड कार्यालय और निजी स्कूल के पास हुए हमले

जानकारी के अनुसार, बासोपट्टी प्रखंड कार्यालय के आसपास और एक निजी स्कूल के नजदीक कुत्तों ने कई लोगों पर हमला किया। अचानक हो रहे इन हमलों से क्षेत्र में भय का माहौल है। स्थानीय लोगों की चिंता इस बात को लेकर भी बढ़ गई है कि कहीं बच्चे और बुजुर्ग इन कुत्तों का शिकार न बन जाएं।

स्वास्थ्य केंद्र में डॉग बाइट वैक्सीन की कमी

कुत्तों के हमले में घायल लोग इलाज के लिए बासोपट्टी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। हालांकि, वहां डॉग बाइट वैक्सीन उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्हें टिटनेस का इंजेक्शन देने के बाद मधुबनी सदर अस्पताल रेफर किया जा रहा है, ताकि आगे का आवश्यक उपचार मिल सके। इस स्थिति ने ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं में वैक्सीन की उपलब्धता को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।

 

 

एम्बुलेंस से सदर अस्पताल भेजे जा रहे मरीज

चिकित्सक सुकांत सिंह ने बताया कि घायलों को सरकारी एम्बुलेंस के माध्यम से मधुबनी सदर अस्पताल पहुंचाकर डॉग बाइट वैक्सीन दिलाने की व्यवस्था की जा रही है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और अनुमंडलीय अस्पतालों में भी वैक्सीन की कमी होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

स्वास्थ्य विभाग से वैक्सीन उपलब्ध कराने की मांग

लगातार कुत्तों के हमलों और स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में वैक्सीन की अनुपलब्धता से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के सामने घायलों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने की चुनौती है। स्थानीय स्तर पर वैक्सीन की पर्याप्त व्यवस्था होने से मरीजों को दूसरे अस्पतालों तक जाने की परेशानी से राहत मिल सकती है। कुत्ते के काटने की स्थिति में घाव को तुरंत साबुन और बहते पानी से लगभग 15 मिनट तक धोना चाहिए और बिना देरी किए चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। रेबीज से बचाव के लिए डॉक्टर की सलाह के अनुसार टीकाकरण और अन्य जरूरी उपचार कराना बेहद महत्वपूर्ण है।

 

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