पन्ना। मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के पवई नगर में कचरा निष्पादन के लिए बनाए जा रहे कचरा घर को लेकर विवाद सामने आया है। मोहन्द्रा मार्ग स्थित ग्राम पंचायत खमरिया में कचरा घर के विरोध में ग्रामीणों ने एक युवक का शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया और मार्ग जाम कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि कचरा घर में कचरा फेंकने और जलाने से आसपास के क्षेत्र में प्रदूषण फैल रहा है, जिससे लोग बीमार हो रहे हैं। हालांकि, युवक की मौत का प्रदूषण से संबंध होने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
जानकारी के अनुसार, रविवार को महेड़ा निवासी 27 वर्षीय भाई लाल आदिवासी, पिता मर्री आदिवासी की मौत हो गई। इसके बाद खमरिया के ग्रामीणों और मृतक के परिजनों ने सड़क पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शन के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात प्रभावित हुआ। ग्रामीणों ने कचरा घर से होने वाले कथित प्रदूषण पर नाराजगी जताते हुए समस्या के समाधान की मांग उठाई।
नगर परिषद पवई की ओर से नगर के कचरे के निस्तारण के लिए ग्राम पंचायत खमरिया में मोहन्द्रा मार्ग पर कचरा घर का निर्माण कराया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यहां नगर का कचरा फेंका जाता है और उसे जलाया भी जाता है। उनका आरोप है कि इससे आसपास के गांवों में प्रदूषण बढ़ रहा है और लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ग्रामीणों ने युवक की मौत को लेकर भी प्रदूषण पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, मौत के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए आधिकारिक जांच या चिकित्सकीय पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है।

सड़क जाम और विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलने पर तहसीलदार रत्न राशि पांडे और थाना प्रभारी सुशील कुमार अहिरवार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया कि उनकी मांगों और कचरा घर से जुड़ी समस्या को जिला कलेक्टर तक पहुंचाया जाएगा। समस्या के समाधान के लिए उचित स्तर पर बात रखने का भरोसा मिलने के बाद ग्रामीणों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
खमरिया में हुए इस विरोध प्रदर्शन ने कचरा प्रबंधन और उसके पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों की मांग है कि कचरे के निस्तारण से उत्पन्न होने वाली समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान दिया जाए और क्षेत्र के लोगों के स्वास्थ्य एवं पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। अब ग्रामीणों को प्रशासन की ओर से उनकी शिकायतों पर की जाने वाली कार्रवाई का इंतजार है। कचरा घर से प्रदूषण फैलने और युवक की मौत के बीच संबंध की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।