Nursing Students Protest: बड़वानी में हक की लड़ाई लड़ रहे नर्सिंग छात्राओं के धरना स्थल से अचानक टेंट, बैनर, गद्दे और पानी का केन गायब होने से हड़कंप मच गया है। दरअसल, छात्रवृत्ति, फीस और अंकसूची समेत मूल दस्तावेजों की मांग को लेकर छात्राएं पिछले 11 दिनों से धरने पर बैठी हैं। अब छात्राएं खुले आसमान के नीचे प्रदर्शन करने को मजबूर हैं।
बता दें कि मध्य प्रदेश के बड़वानी में नर्सिंग छात्राओं का आंदोलन लगातार जारी है। एसपी निवास के सामने कारंजा चौपाटी पर धरना दे रही करीब 25 छात्राएं उस समय हैरान रह गईं, जब सुबह धरना स्थल पर पहुंचने पर उन्हें टेंट और अन्य सामान गायब मिला। छात्राओं ने आरोप लगाया है कि दशहरे की रात अज्ञात लोग धरना स्थल से पूरा सामान ले गए। हालांकि, सामान गायब होने की घटना को लेकर आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
बड़वानी नर्सिंग इंस्टीट्यूट की छात्राएं अपनी अंकसूची, मूल दस्तावेज और छात्रवृत्ति से जुड़ी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना दे रही हैं। छात्राओं के मुताबिक, वे रोजाना शाम 6 बजे से रात 12 बजे तक धरना देती हैं। दशहरे की रात अधिक भीड़ होने के कारण वे अपने घर चली गई थीं। अगली सुबह जब वे धरना स्थल पर लौटीं, तो वहां से टेंट, बैनर, गद्दे और पानी का केन समेत अन्य सामग्री गायब थी।
छात्रा पायल वास्कले ने आरोप लगाया कि अज्ञात लोगों ने रात में सामान हटा दिया। उनके मुताबिक, टेंट संचालक ने भी टेंट ले जाने से इनकार किया है। इसके बाद छात्राएं थाने पहुंचीं और मामले में शिकायत देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की। छात्राओं को आशंका है कि उनका आंदोलन खत्म कराने के उद्देश्य से धरना स्थल का सामान हटाया गया है।
छात्राओं ने कॉलेज प्रबंधन पर फीस और छात्रवृत्ति को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कोरोना काल में भी उनसे 65 हजार रुपये की पूरी फीस ली गई। इसके अलावा, आवास भत्ते की केवल एक किस्त मिलने और अतिरिक्त राशि वसूले जाने का भी आरोप लगाया गया है। छात्राओं की मांग है कि उनकी लंबित अंकसूची और मूल दस्तावेज जल्द उपलब्ध कराए जाएं। उनका कहना है कि छात्रवृत्ति की राशि खाते में आने के बाद वे नियमानुसार फीस जमा करने के लिए तैयार हैं।
वहीं, 11 दिनों से प्रदर्शन कर रहे छात्राओं का कहना है कि अभी तक प्रशासन का कोई अधिकारी उनसे मिलने नहीं पहुंचा है। टेंट और अन्य सामग्री गायब होने के बाद अब उन्हें खुले आसमान के नीचे धूप में बैठकर प्रदर्शन करना पड़ रहा है। ऐसे में छात्राओं ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वह अब चक्काजाम करेंगी।