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स्वामी रामदेव: ह्रदय रोग से बचने के लिए करे लौकी के जूस का प्रयोग

By RNI Hindi Desk 
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 दिल हमारे शरीर का सबसे जरुरी हिस्सा है लेकिन क्या हो जब ये दिल ही धड़कना बंद कर दे या बहुत धीरे धीरे धड़कनें लगे, जब आपका दिल सामान्य अवस्था में नहीं धड़क कर धीरे धीरे और असामान्य तरीके से धड़कता है उस अवस्था को हार्ट में ब्लॉकेज होना कहते है और यह एक बेहद ही गंभीर बीमारी है।

वैसे तो यह बीमारी किसी भी उम्र में हो सकती है लेकिन 30 साल की उम्र के बाद इसका ख़तरा बढ़ जाता है और लोग इस बीमारी से बहुत घबराते है क्योंकि इसके इलाज़ में बहुत पैसा खर्च हो जाता है, तो इस बीमारी के उपचार से पहले आईये आपको बताते हैं कि दरअसल यह समस्या है क्या ?

हमारे हृदय की धमनियों की दीवारों में जब कफ जमा होता है तो धीरे धीरे रक्त प्रवाह में समस्या आती है और हृदय की धड़कन मंद हो जाती है, दरअसल अनियमति खान पान और आधुनिक जीवन शैली के कारण ऐसा होता है, वैसे तो शुरुआत में पता चलने पर इसका इलाज हो सकता है लेकिन आखिरी स्टेज पर इसका इलाज बहुत महंगा और जटिल हो जाता है, जब खून का थक्का बनता है तो हार्ट अटैक आ जाता है वही कई केस में कार्डियक डेथ भी हो जाती है।

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आज इस लेख में आपको बताते है कि कैसे आप लौकी के रस का इस्तेमाल करके ह्रदय रोगों से अपनी रक्षा कर सकते है। स्वामी रामदेव कहते है की लौकी का जूस पीने वाले को कभी ह्रदय रोग नहीं होता है। लौकी का रस अंदर के सारे टोक्सिन को निकालकर उसे साफ़ करता है। तो आइये आपको बताते है की कैसे लौकी का रस बनेगा और किन बातों का आपको ध्यान रखना है।

आपको सबसे पहले 250 ग्राम लौकी को छिलके सहित धोकर उसे कस लेना है और अब ग्राइंडर में इसका रस तैयार करना है। अब उस रस को कपड़े से छान लेना है। तुलसी की 7 पत्तियां और पुदीने की 6 पत्तियां भी पीसकर डाले। अब जितना रस तैयार हुआ है उतना ही पानी डाले। पानी में 4  पिसी हुई कालीमिर्च और 1 ग्राम सेंधा नमक भी मिला दे और अब इसे रोज़ सुबह सेवन करने से कैसा भी बड़ा ह्रदय घात हो वो ठीक हो जाएगा ऐसा स्वर्गीय राजीव दीक्षित जी कहकर गए है।

लगातार 3 महीने तक इसका रस पीने वाले को अगले 30 साल तक हार्ट अटैक नहीं आएगा वही लौकी के ऱस की एक और सबसे बड़ी खासियत यह है कि इससे जोड़े और कमर का दर्द भी ठीक हो जाता है वही अब आपको यह भी बताते है कि आपको रस बनाने के लिए लौकी खरीदते वक़्त किन बातों का ध्यान रखना है।  

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आपको यह ध्यान रखना है की जो लौकी हरी, नरम, चिकनी, छूने पर मुलायम लगती हो, जिसके बीज कच्चे मुलायम, अंगुलियों से दबाने पर दब जायें, कठोर नहीं हों, वह अच्छी होती है। वही रस बनाते समय जब आप लौकी काटे तो याद रखिये की लौकी को टेस्ट ज़रूर करिये, कड़वी लौकी का रस आपको बेहद नुकसान कर सकता है इसलिए कड़वी लौकी का रस भूलकर भी न बनाये।

याद रखिये की कड़वी लौकी में ‘टेट्रोसाइक्लिक ट्राइटरपेनोइड कुकुरबिटासीन’ नामक टॉक्सिन हो सकता है जिसके असर से 5 मिनट के अंदर शरीर में उल्टी, दस्त और रक्तसाव होने लगता है। दरअसल साल 2010 में भी इसी के चलते ज्वाइंट सेक्रेटरी लेवल के एक IAS ऑफिसर की मौत हुई थी। इसके बाद सरकार ने जो कमेटी बनायीं उसने अपनी रिपोर्ट में कहा कि स्वाद में कड़वी लगने वाली लौकी जहर की तरह होती है, जो किसी की भी जान ले सकती है। 

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इसके अलावा आपको एक बात और ध्यान में रखनी है कि अगर आप करेलें का रस पीते है तो उस के साथ लौकी का रस अवॉयड करे। वरना यह भी नुकसान कर सकता है। तो आज इस लेख में हमने आपको बताया की कैसे आप लौकी के रस का इस्तेमाल कर हृदय रोग को जड़ से खत्म कर सकते है। अगले लेख में बात करेंगे आपकी सेहत से जुड़े किसी और मुद्दे पर।

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