1. हिन्दी समाचार
  2. वायरल
  3. ‘सेक्स’ करते हुए महिला पत्रकार ने रिकॉर्ड किया इंटरव्यू, सुनिये पूरा इंटरव्यू, हंगामे के बाद बताया कारण…

‘सेक्स’ करते हुए महिला पत्रकार ने रिकॉर्ड किया इंटरव्यू, सुनिये पूरा इंटरव्यू, हंगामे के बाद बताया कारण…

By Amit ranjan 
Updated Date

कोपेनहेगेन : कहा जाता है कि Sex is a basic need of human life यानी की जिस प्रकार किसी आदमी को जिंदा रहने के लिए खाना की जरूरत होती है, उसी प्रकार किसी सेक्स भी हर आदमी की जरूरत है। जो समय-समय पर होते रहना चाहिए। इसे लेकर हमें शर्म नहीं करना चाहिए। बल्कि इस विषय में अपने पार्टनर से खुलकर बात करना चाहिए। लेकिन इन सभी से अलग एक महिला पत्रकार ने सेक्स करते हुए एक इंटरव्यू ली और उसे प्रसारित कर दिया है।  

द सन की रिपोर्ट के मुताबिक डेनमार्क की रहने वाली 26 साल की LOUISE Fischer पत्रकार हैं। वह Danish रेडियो पर फीचर प्रसारित करती हैं। सेक्स को लेकर वह काफी खुली हुई हैं। LOUISE का कहना है कि हमें सेक्स से इतना शर्माना क्यों चाहिए। जब पुरुष खुलकर सेक्स और अपनी पसंद-नापसंद पर बात कर सकते हैं तो महिलाएं ऐसा क्यों नहीं कर सकती?

LOUISE Fischer कहती हैं, ‘महिलाओं को अपनी पसंद के पार्टनर से खुलकर सेक्स (Sex) करने का हक है। डेनमार्क सरकार को लॉकडाउन की वजह से बंद पड़े स्विंगर्स क्लबों को अब खोल देना चाहिए। जिससे महिलाएं भी वहां जाकर अपनी खुशी हासिल कर सकें। बिल्कुल वैसे ही जैसे पुरुष वहां जाकर अपनी खुशी ढूंढते हैं।’

LOUISE ने अपनी इस मांग पर बल देने के लिए हाल ही में एक अनोखा काम किया और उन्होंने एक पुरुष के साथ सेक्स (Sex) करते हुए इंटरव्यू रिकॉर्ड किया। फिर उसे डेनिश रेडियो पर प्रसारित कर दिया। इस इंटरव्यू के सामने आने के बाद दुनियाभर में इस महिला पत्रकार की चर्चा हो रही है। अधिकतर लोग उसकी सेक्सुअली आजादी का समर्थन कर रहे हैं। वहीं कई लोग इसे पत्रकारिता के लिहाज से गलत बता रहे हैं।

बता दें कि Ulrika Jonsson भी महिलाओं की सेक्स आजादी पर अक्सर लेख लिखती हैं। वे कहती हैं, ‘LOUISE का यह कदम कहीं से भी गलत नहीं है। आखिर सेक्स जीवन का जरूरी हिस्सा है। फिर हम उस पर बात करने से इतना बचते क्यों हैं। हमने इस विषय को टैबू बनाकर क्यों रखा है। सेक्स पर बात करने वाली महिलाओं को गलत क्यों समझा जाता है।’

Ulrika Jonsson कहती हैं, ‘मेरी उम्र 54 साल है। मुझे भी सेक्स (Sex) का मन होता है लेकिन लोग कहते हैं कि अब सेक्स में क्या रखा है। ऐसे ही जिंदगी काट लो। ऐसा कैसे संभव हो सकता है। क्या यही बात पुरुषों से भी कही जाती है। वे दिन भर पोर्न फिल्में देखते हैं और फिर उम्मीद करते हैं कि पार्टनर भी उन्हें वैसे ही प्यार करे, जैसा फिल्म में देखा है। जबकि महिलाओं के केवल सेक्स पर बात करने को ही गलत समझ लिया जाता है। आखिर ये भेदभाव क्यों है?’

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...
RNI News Ads