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बेहद दर्दनाक हैं इस सेक्स वर्कर की कहानी, न चाहते हुए भी करना पड़ा यह व्यापार, 2 महीने में ही हो गई…

By Amit ranjan 
Updated Date

नई दिल्ली : देह व्यापार (सेक्स वर्क) एक ऐसा धंधा जिसे कोई करना नहीं चाहता, लेकिन सामाजिक कुरीतियों और कुछ मजबूरियों के कारण उन्हें ये अपनाना पड़ता है। क्योंकि अक्सर ऐसा देखा जाता है कि जब भी कोई महिला या लड़की किसी कंपनी में जाती हैं तो लोग उसके स्किल को कम, जबकि उसके देह को बड़े गौर से देखते है। कई बार तो ऐसी बी खबरें आती हैं कि बॉस से समझौता ना करने का कारण उसे कंपनी से निकाल दिया गया। भले ही कारण कुछ और हो। लेकिन हम आज यहां आपके सामने किसी इम्पलवॉय के जीवन की कहानी नहीं बल्कि दो ऐसे सेक्स वर्कर की कहानी बताएंगे, जिन्हें ना चाहकर भी यह पेशा अपनाना पड़ा।

सियोमी (निकनेम) उस वक्त केवल 20 साल की थी जब उसके पार्टनर ने उसे आर्थिक तंगी के चलते देह व्यापार के लिए एक वेश्यालय को बेच दिया था। पांच साल के बच्चे की मां सियोमी (30) सेक्स वर्कर बनने से पहले एक रिटेल स्टोर में बतौर सेल्स असिस्टेंट काम करती थी। सियोमी ने बताया कि उसकी परवरिश जोहोर बोरू में एक बेहद गरीब परिवार में हुई। वह आज अपने परिवार को फाइनेंशियल सपोर्ट कर रही हैं, लेकिन उसके पेशे को लेकर उन्हें कोई जानकारी नहीं है।

सियोमी कहती हैं, ‘मेरे परिजन बहुत बीमार रहते हैं। इसलिए मैं हर महीने उन्हें करीब 17,000 रुपए भेजती हूं, क्योंकि उनके पास आय का कोई साधन नहीं है। फुल टाइम जॉब की तरह मैं एक वैश्यालय में सप्ताह के पांच दिन करीब 8 घंटे काम करने के लिए जाती हूं।’ उन्होंने बताया कि एक नॉर्मल डे पर 1500 से 1800 रुपए कमा लेती है। हालांकि कोरोना फैलने के बाद उनके ग्राहक पूरी तरह खत्म हो चुके हैं और उनकी आय भी शून्य हो गई है।

सियोमी ने बताया कि उन्हें अक्सर ग्राहक की गालियां और मार भी सहन करनी पड़ती है। कई बार क्लाइंट जब उनसे एक्स्ट्रा सर्विस की मांग करते हैं तो मना करने पर वे मार-पिटाई करना शुरू कर देते हैं। सियोमी ने बताया कि वे इस काम को छोड़कर वापस अपनी रिटेल की नौकरी पर जाना चाहती हैं, लेकिन पैसों की जरूरत उन्हें इस दलदल से निकलने नहीं देती।

उन्होंने बताया कि रिटेल की नौकरी में उन्हें मौजूदा कमाई के आधे पैसे भी नहीं मिलते हैं। सियोमी ने कहा कि, ‘एक मां होने के नाते मेरे लिए ये सब करना अब मुश्किल होता जा रहा है। मुझे अपने बेटे को रोजाना काम पर साथ ले जाना पड़ता है। मैं जिस वक्त काम पर होती हूं, मेरी सहकर्मियां उसे संभालती हैं। मेरे बेटे को इस बारे में कुछ नहीं पता है और उसके लिए मुझे बहुत बुरा भी महसूस होता है। मैं अपने बच्चे को पढ़ा-लिखाकर डॉक्टर बनाना चाहती हूं।’ उन्होंने बताया कि वो दस साल से इस पेशे को कर रही है।

वहीं एक अन्य सेक्स वर्कर एइन ने बताया कि उनकी परवरिश एक सौतेली मां ने की, जो खुद एक वेश्या थी। उन्होंने बताया कि बचपन में अपने पिता और भाई के हाथों वह दुष्कर्म और यौन हिंसा का शिकार हुई थीं। उन्होंने कहा कि, ‘मेरे सौतेले भाई के साथ मुझे पॉर्नोग्राफी कंटेंट देखने के लिए कहा जाता था। 12 साल की उम्र में मैंने अपने पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई और मुझे कुछ समय के लिए शेल्टर हाउस में रहना पड़ा। हालांकि रिहा होने के बाद मेरे पिता मुझे फिर से वापस ले आए।’

एइन ने कहा कि, ‘मेरे लिए यहां रहना अब आसान नहीं रह गया था। इसलिए मैं घर से भाग आई। इस दौरान मेरा पहचान पत्र गुम हो गया था। जिसके बाद एक शख्स ने वैश्यालय में काम करने की शर्त पर मेरा आईकार्ड बनवाने का वादा किया था। अपना आईकार्ड पाने के लिए मैंने उसके कहने पर दो महीने तक वैश्यालय में काम किया, लेकिन इस दौरान मैं HIV संक्रमित हो गई। मुझे बाद में पता चला कि वो आदमी आईकार्ड का झूठा वादा करके मुझसे ये काम करवा रहा था।’

आपको बता दें कि एइन अब मलेशिया की एक चैरिटी संस्था की देखरेख में शेल्टर होम में रह रही हैं. उसने देह व्यापार की नगरी का त्याग कर दिया है और अब वह HIV का इलाज करवा रही हैं। उसने अपने पिता को भी माफ कर दिया है, जिनका हाल ही में देहांत हुआ है। एइन ने अपनी जिंदगी में जो कुछ भी सहा है, उसे वो भगवान की परीक्षा मानकर स्वीकार कर चुकी हैं। उनकी आखिरी ख्वाहिश अपनी असली मां जमालिया मोख्तार से मिलने की है।

बता दें कि मलेशिया में सेक्स वर्कर्स की संख्या पर विश्वसनीय और सटीक आंकड़े विकसित करना अभी भी देश के लिए एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। लेकिन साल 2018 में स्वास्थ मंत्रालय के एक अनुमान के मुताबिक, यहां करीब 45,000 सेक्स वर्कर्स हैं जिनमें से करीब 21,000 महिलाएं और 24,000 ट्रांसजेंडर सेक्स वर्कर्स हैं।

इस हिसाब से 2005 में हेल्थ मिनिस्ट्री द्वारा जारी आंकड़ों के मुकाबले सेक्स वर्कर्स की संख्या में करीब 49 फीसद वृद्धि हुआ है जिसमें पुरुष, महिला और ट्रांसजेंडर सेक्स वर्कर्स की संख्या 22,000 बताई गई थी। हालांकि इस रिपोर्ट में उस महत्वपूर्ण डेटा को शामिल नहीं किया गया था जो इन सेक्स वर्कर्स को देह व्यापार के दलदल में झोंकने के लिए जिम्मेदार है।

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