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भारत के इस राज्य में बढ़ रहे सेक्स चेंज के मामले, मेल से फीमेल बनने की ज्यादा चाहत; जानिए कौन है वो राज्य

Cases of sex change increasing in this state of India, भारत के इस राज्य में सेक्स रीअसाइनमेंट सर्जरी (सेक्स बदलने वाली सर्जरी) करवाने वालों की संख्या बढ़ रही है। लेकिन इनमें अधिकतर लोगों की चाहत मेल से फिमेल बनने की है। जानिए कौन है वो राज्य...

By Amit ranjan 
Updated Date

नई दिल्ली : मेडिकल के मॉडर्न होने के साथ ही लोगों का झुकाव सेक्स चेंजेज में भी काफी होता जा रहा है। जिसका प्रमुख उदाहरण देश का ये राज्य है, जहां के पुरुषों में महिला बनने की अधिक इच्छा है। इसे लेकर वो अपने सेक्स में भी बदलाव कर रहे है। आपको बता दें कि उस राज्य का नाम केरल है।

केरल में सेक्स रीअसाइनमेंट सर्जरी (सेक्स बदलने वाली सर्जरी) करवाने वालों की संख्या बढ़ रही है। कई लोग सेक्स चेंज कराकर महिला से पुरुष और पुरुष से महिला बन रहे हैं। सामाजिक न्याय विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस तरह की सर्जरी की संख्या पिछले कुछ वर्षों में बहुत तेजी से बढ़ रही है। 2018-19 में 11 ट्रांस महिलाओं सहित केवल 19 ट्रांसजेंडर लोगों को सहायता मिली, वहीं 2021-22 में अब तक 41 ट्रांस महिलाओं सहित लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 83 हो गई है। 2018 से सहायता प्राप्त करने वाले कुल 191 ट्रांसजेंडर लोगों में से 127 ट्रांस महिलाएं और 64 ट्रांस पुरुष हैं।

केरल सरकार सर्जरी के लिए देती है आर्थिक मदद

सर्जरी के बाद ट्रांस महिलाओं के लिए विभाग 2.5 लाख रुपये और ट्रांस पुरुषों के लिए 5 लाख रुपये की प्रतिपूर्ति देता है। ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों ने बताया कि महिला से पुरुष बनने वालों की संख्या कम है, क्योंकि इसमें सर्जिकल जटिलताएं ज्यादा हैं। इसके अलावा परिवार वालों का व्यवहार, समाज का व्यवहार भी ऐसे लोगों के प्रति ज्यादा खराब होता है।

महिला से पुरुष बनना महंगा और रिस्क भी

ट्रांस पुरुष ऋतिक एम ने कहा, ‘महिला से पुरुष बनने में सर्जरी महंगी होती है। इसके साथ-साथ अधिक जटिलताएं भी है, जिसमें लिंग का निर्माण होने पर फैलोप्लास्टी शामिल है। वास्तव में, सैकड़ों ऐसे हैं जो महिला से पुरुष में परिवर्तन चाहते हैं, लेकिन वे समाज से दुर्व्यवहार से डरते हैं और अपने भविष्य की चिंता करते हैं।’

समाज का बदल रहा दृष्टिकोण

अधिकारियों ने कहा कि हालांकि ट्रांसजेंडर लोगों के प्रति समाज का दृष्टिकोण बदल रहा है, यह पता लगाने के लिए कोई अध्ययन नहीं किया गया है कि ट्रांस पुरुषों की तुलना में ट्रांस महिलाओं की संख्या अधिक क्यों है। लिंग परिवर्तन सर्जरी कराने वालों की मानसिक और शारीरिक फिटनेस सुनिश्चित करने के प्रस्ताव के अलावा, विभाग सर्जरी से पहले और बाद में छह महीने के लिए काउंसलिंग की भी सलाह देता है।

केरल राज्य कराएगा अध्ययन

ट्रांसजेंडर सेल की परियोजना समन्वयक श्यामा एस प्रभा ने कहा कि राज्य ने भविष्य में अस्पतालों में इस तरह की सर्जरी करने के लिए प्रोटोकॉल तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की है। रोगी से सहमति पत्र और मनोचिकित्सक से फिटनेस प्रमाण पत्र लेने के अलावा, केरल के अस्पतालों में किसी अन्य प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया जाता है। सरकार इस तरह की सर्जरी के बाद उत्पन्न होने वाली जटिलताओं का एक अध्ययन करने की योजना बना रही है।

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