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पैसों के लिए बॉयफ्रेंड ने गर्लफ्रेंड को किया भीख मांगने को मजबूर, कम कमाई पर करता था ऐसा हाल

Boyfriend forced girlfriend to beg for money निकोल सितंबर 2016 में हेल्म से मिली थीं, जब वह 17 साल की थीं. दोनों एक ही हॉस्टल में रहते थे और मुलाकात के कुछ ही हफ्तों में एक-दूसरे को डेट करने लगे थे। कुछ महीनों बाद नशे में धुत हेल्म ने निकोल के चेहरे पर मुक्का मार दिया।

By Amit ranjan 
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नई दिल्ली : पैसों के लिए गर्लफ्रेंड को सड़कों पर भीख मांगने के लिए मजबूर करता था बॉयफ्रेंड और कम कमाई होने पर उसके साथ जानवरों जैसा व्यवहार करता था। ये कहना है खुद पीड़िता का, जो ब्रिटेन के पीट्सबर्ग की रहने वाली है। महिला ने बताया कि, ‘एक दिन सड़क पर उसके कटे-फटे शरीर को एक शख्स ने देखा और मदद की पेशकश की। इसके बाद उसने पुलिस को बुलाया और काइल हेल्म गिरफ्तार कर लिया गया। इस साल जुलाई में आरोपों को स्वीकार करने के बाद कोर्ट ने काइल को चार साल की सजा सुनाई।’

लोगों को करना चाहती हैं जागरूक

अब महिला घरेलू हिंसा के बारे में जागरूकता बढ़ाने का काम कर रही है और अपनी कहानी लोगों को बताकर अवेयर कर रही हैं। महिला ने बताया कि, ‘काइल शुरू से ही ऐसा था और उसने मुझे मेरे दोस्तों व परिवार से अलग कर दिया। अब मैं चाहती हूं कि यह कहानी दूसरों को पता चले और उन्हें मदद मिले।’ आपको बता दें कि पीड़ित महिला का नाम निकोल क्लार्ज (Nicole Clarges)  और उसके बॉयफ्रेंड का नाम काइल हेल्म है। बता दें कि काइल हेल्म की उम्र 21 साल और गर्लफ्रेंड निकोल की उम्र 22 साल है।

कैसे शुरू हुआ दोनों के बीच विवाद?

निकोल सितंबर 2016 में हेल्म से मिली थीं, जब वह 17 साल की थीं. दोनों एक ही हॉस्टल में रहते थे और मुलाकात के कुछ ही हफ्तों में एक-दूसरे को डेट करने लगे थे। कुछ महीनों बाद नशे में धुत हेल्म ने निकोल के चेहरे पर मुक्का मार दिया। वह कहती हैं कि मैं चौंक गई और उससे पूछा कि उसने मुझे क्यों मारा। इसके बाद उसने मुझसे माफी मांगी और मेरे पास उसे माफ ना करने का कोई कारण नहीं था। इसके कुछ हफ्ते बाद उसने धोखा देने का आरोप लगाया और हॉस्टल से निकाल दिया, जिसके बाद टेंट में सोना पड़ा।

हरकतों पर रखता था नजर

निकोल ने बताया कि, ‘काइल ने मुझे के एक फोन दिया था, जिस पर सिर्फ इनकमिंग कॉल आती थी और वह लगातार फोन करता था, ताकि पता कर सके कि मैं कहां हूं और क्या कर रही हूं। इस वजह से मैं काफी डरी रहती थी। करीब चार महीने बाद मुझे दूसरे हॉस्टल में रखा गया, लेकिन इसके बाद भी हेल्म ने कंट्रोल करना जारी रखा।’ निकोल ने बताया कि, ‘अगर कोई अजनबी मुझे देखकर मुस्कुराता तो वह धोखाधड़ी का आरोप लगाता था। मुझे किसी से बात करने की अनुमति नहीं थी और उसने मेरा बैंक कार्ड लिया। मुझे महीने में सिर्फ 10 पाउंड देता था और मेरे बाकी पैसे शराब पर खर्च कर दिए।’

भीख मांगने को किया मजबूर

निकोल ने बताया कि, ‘अक्टूबर 2018 में हेल्म ने एक बेघर आदमी से पूछा कि भीख मांगकर कितना कमाता है। इसके बाद उसने मुझे पीटरबरो टाउन सेंटर में फुटपाथ पर बैठने और अजनबियों से पैसे मांगने के लिए मजबूर किया। उसने मुझे किसी भी आदमी से बात ना करने के लिए कहा था और घंटों तक सड़क पर खड़ा होकर मुझ पर नजर रखता था।’

कम कमाई पर पेचकस से किया हमला

निकोल ने बताया कि, ‘भीख मांगकर किसी दिन 150 पाउंड की कमाई होती थी, जबकि कभी-कभी सिर्फ 40 पाउंड ही मिल पाते थे और इन पैसों को भी काइल ले लेता था। अक्टूबर 2020 में एक दिन सिर्फ 20 पाउंड की कमाई हुई तो उसने मुझपर हमला कर दिया। उसने एक पेचकस पकड़ा और मुझे पीछे से मारने की कोशिश की। शुक्र है कि पेचकस से मेरे कपड़ों में छेद नहीं हुआ, लेकिन फिर उसने मेरे पैरों को पकड़ लिया और मेरे घुटने पर कई जगह पेचकस से घोंप दिया।’

दर्द में भी भीख मांगने को मजबूर

निकोल कहती है, ‘हेल्म का हमला अगले दिन भी जारी रहा और वोदका की बोतल से सिर पर मारा। इसके बाद फिर भीख मांगने के लिए भेज दिया। दर्द में मैंने कपड़े पहने। मेरे शरीर पर चोट के निशान थे, लेकिन मैंने सोचा कि अगर मैंने उस दिन पर्याप्त कमाई नहीं की, तो वह मुझे मार डालेगा।’

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