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मैं लड़की हूं या लड़का…इसी कन्फ्यूजन से परेशान होकर 11 साल की लड़की ने दे दी जान, नोट में किया शॉकिंग खुलासा

Am I a girl or a boy... An 11-year-old girl gave up her life due to this confusion; नॉन बाइनरी होने की वजह से बच्ची ने दी जान। मां को बताना चाहती थी ये सच। लेकिन नहीं बता पा रही थी।

By Amit ranjan 
Updated Date

नई दिल्ली: डॉक्टर्स कई बार माता-पिता को सुझाव देते हैं की उन्हें अपने बच्चों के साथ कैसा संबंध बनाए रखना चाहिए। जिससे उनका बच्चा किसी तनाव में न हो। और वो अपने बातों को शेयर कर सके। ये बात इसलिए कही जा रही है, क्योंकि ऐसा नहीं होने की वजह से 11 साल की एक बच्ची ने खुद फांसी लगाकर जान दे दी।

खबरों की मानें तो, बच्ची जिंदा रहते हुए अपनी मां को ऐसी बात बताना चाहती थी, जिससे वह काफी दिनों से परेशान थी, लेकिन उसकी हिम्मत नहीं हुई। फिर उसने तय किया कि जान देकर वह अपनी बात मां को बताएगी, की वह non-binary है। इसके बाद उसने खुद को फांसी के फंदे से लटका लिया।

जानें क्या है non binary :

11 साल की लड़की मां को बताना चाहती थी कि वह नॉन बाइनरी थी। नॉन-बाइनरी उन लोगों के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जिनके लिंग की पहचान पुरुष या महिला के रूप में नहीं होती है। आत्महत्या से पहले लड़की ने मां के नाम एक नोट छोड़ा, जिसमें कहा कि वह नॉन बाइनरी है।

लड़की का नाम केन्या मोरेनो मोलोंगुआ था। उसने अपनी मां को लेटर लिखा और कहा कि वह बहुत दुखी है। केन्या स्पेन में पैदा हुई और अपनी मौसी के साथ रह रही थी। मौत से कुछ समय पहले वह बहुत ही सामान्य लग रही थी। केन्या की चाची ने पूछताछ में बताया कि वह अपने लिंग को लेकर लगातार परेशान थी। लेकिन उसने इस बात का जिक्र नहीं किया। वह बहुत खुश रहती थी। मजेदार थी। सबके साथ खेलती। उसे देखकर लगता ही नहीं था कि वह किस दौर से गुजर रही है।

मौत से दो या तीन दिन पहले केन्या ने कहा था कि वह सामान्य लड़की नहीं है। केन्या रात करीब साढ़े 8 बजे कुछ नूडल्स लेने के लिए नीचे आई और अपनी दादी से मजाक कर रही थी। लेकिन रात करीब 9.30 बजे केन्या की दादी के चीखने की आवाज सुनाई दी।

सेंट्रल बेडफोर्डशायर कोरोनर कोर्ट में पूछताछ में बताया गया कि वह ऊपर की ओर दौड़ी और उसने देखा कि उसकी मां केन्या की मदद करने की कोशिश कर रही है। पैरामेडिक्स और डॉक्टरों के आने से पहले केन्या के परिवार ने सीपीआर शुरू कर दिया, लेकिन केन्या की मौत हो चुकी थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, केन्या अपनी मां के साथ रहना चाहती थी। लेकिन वह अपने लिंग की पहचान से जूझ रही थी। ऐसे में उसे अपनी मां की जरूरत थी। लेकिन कुछ पारिवारिक कारणों की वजह से मां बेटी अलग अलग रहते थे। यही वजह है कि केन्या अपनी दिक्कत अपनी मां को नहीं बता सकी।

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