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उत्तराखंड: कुमाऊं में पर्यटन कारोबार को लगा बड़ा झटका, हुआ 100 करोड़ से अधिक का नुकसान; जानिए क्या है कारण

उत्तराखंड मे आई भयावह आपदा के चलते भूस्खलन और सड़के टूटने की खबरें लगातार सामने आ रही है। और बाढ़ का कहर भी लगातार बना हुआ है। हालांकि वहां मौसम सामान्य होने के कारण अब लोगों ने राहत की सांस ली है। वहीं जो लोग इस बाढ़ में या गड़बड़ मौसम के कारण फंसे हुए थे, वे अब अपने घरों को वापस लौट रहे है। जिससे कुमांऊ को बड़ा झटका लगा है।

By RNI Hindi Desk 
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रिर्पोट: अनुष्का सिंह

नई दिल्ली: उत्तराखंड मे आई भयावह आपदा के चलते भूस्खलन और सड़के टूटने की खबरें लगातार सामने आ रही है। और बाढ़ का कहर भी लगातार बना हुआ है। हालांकि वहां मौसम सामान्य होने के कारण अब लोगों ने राहत की सांस ली है। वहीं जो लोग इस बाढ़ में या गड़बड़ मौसम के कारण फंसे हुए थे, वे अब अपने घरों को वापस लौट रहे है। जिससे कुमांऊ को बड़ा झटका लगा है।

आपको बता दें कि उत्तराखंड में आपदा से कुमाऊं मंडल में पर्यटन कारोबार को पूरी तरह से चौपट कर दिया है। मंडल में पर्यटन कारोबार को 100 करोड़ रुपए से अधिक के राजस्व का नुकसान हुआ है। बता दें कि अभी बंगाली सीजन शुरू ही हुआ था कि तीन रोज पहले ऐसी आपदा आई जिसकी कभी कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। इस आपदा का असर यह हुआ कि अतिवृष्टि से पहले सैलानियों से खचाखच भरे पर्यटक स्थल वीरान हो गए और पर्यटन व्यवसाय पूरी तरह से लड़खड़ा गया। नैनीताल, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चंपावत, बागेश्वर, मुन्स्यारी समेत आसपास के तमाम क्षेत्र लगभग वीरान हो चुके हैं। पर्यटन कारोबारियों की मानें तो कुमाऊं मंडल में 5000 से अधिक छोटे-बड़े होटल रिजॉर्ट हैं जहां हजारों लोगों को रोजगार मिला है। नवंबर तक की एडवांस बुकिंग भी कैंसिल हो रही हैं।

पर्यटन विभाग का दावा है कि तीन दिन की भारी बारिश से जिले के किसी भी जगह में पर्यटक नहीं फंसे हैं, लेकिन कुछ पर्यटक स्थलों को नुकसान हुआ है। जिला पर्यटन विकास अधिकारी लता बिष्ट का कहना है कि जिले के तीन पर्यटक स्थल टनकपुर, चंपावत और लोहाघाट की सुरक्षा दीवार और कुछ अन्य नुकसान हुआ है। अभी नुकसान के सर्वे की रिपोर्ट नहीं आई है, लेकिन मोटे तौर पर दस लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है।

आपको बता दे कि इस बार अक्तूबर में अच्छे कारोबार की उम्मीद थी लेकिन आपदा ने पर्यटन कारोबार की पूरी उम्मीद तोड़ दी। कुमाऊं में 100 करोड से अधिक का नुकसान होने का अनुमान है। देवी आपदा में जितना नुकसान हुआ है, उससे कहीं अधिक वह सोशल मीडिया के प्लेटफार्म पर प्रसारित हो गया है। इससे कुमाऊं मंडल में आने वाले अन्य प्रांतों के सैलानी डरे सहमे हैं। पूरा कारोबार चौपट हो गया है। प्री बुकिंग भी लगातार कैंसिल हो रही हैं।

खबर है कि पिथौरागढ़ जिले में ही आपदा से पर्यटन कारोबार को तीन करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। एक करोड़ अकेले कुमाऊं मंडल विकास निगम का और लगभग दो करोड़ पिथौरागढ़ और इसके आसपास के निजी होटल एंड रेस्टोरेंट का शामिल है।

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