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बर्फ से ढकी मसूरी की पहाडियां, घूमने वालों की लगी भीड़…

उतराखंड में भारी बारिस के बाद अब अधिकतर इलाकों में मौसम साफ बना हुआ है, और राजधानी देहारादून में चटख धूप खिली हुई है। हालांकि ठंड बढ़ने के कारण यमुनोत्री धाम में श्रद्धालुओं की संख्या कम हुई है।

By RNI Hindi Desk 
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रिपोर्ट:पायल जोशी
उतराखंड में भारी बारिस के बाद अब अधिकतर इलाकों में मौसम साफ बना हुआ है, और राजधानी देहारादून में चटख धूप खिली हुई है। हालांकि ठंड बढ़ने के कारण यमुनोत्री धाम में श्रद्धालुओं की संख्या कम हुई है।

बता दें कि पहाड़ों की रानी मसूरी में इन दिनों हिमालय की पहाड़ियों पर बर्फ जबरदस्त बर्फ बारी हो रही है। हिमालय का गनहिल, लालटिब्बा क्षेत्र से हिमालय की पहाड़ियों की खूबसूरती का दृश्य देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक मसूरी पहुंच रहे हैं।

लालटिब्बा घूमने पहुंचे दिल्ली के पर्यटक मानसी ने बताया कि हिमालय का इतना मोहक नजारा कभी नहीं देखा था। लालटिब्बा से ऐसा लगा कि जैसे हिमालय हमारे पास ही है। वहीं दिल्ली के पर्यटक रणदीप सिंह कहते हैं कि हिमालय की खूबसूरत पहाड़ियों को देखकर मन खुश हो गया है।

आपको बता दें कि केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे पर यातायात शुरु हो गई है, और वहीं केदारनाथ के सोनप्रयाग से अभी तक 3400 यात्री रवाना हो चुके हैं। वहीं पुजारी आशुतोष उनियाल ने बताया कि यमुनोत्री धाम में यात्रियों की आवाजाही में गिरावट आ गई है, जिसका कारण बढ़ती ठंड हो सकता है। 18-19 अक्तूबर को उत्तराखंड में आई आपदा की वजह दक्षिण-पश्चिमी मानसून का नियत समय पर लौटना नहीं था।

दूसरी और गढ़वाल विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. आलोक सागर गौतम ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून जब उत्तर-पूर्वी मानसून से मिला तो इसके परिणाम स्वरूप अतिवृष्टि हुई।
ग्रीष्मकाल में बारिश के लिए जिम्मेदार दक्षिण-पश्चिम मानसून आमतौर पर 15 सितंबर तक लौट जाता है। इसके बाद उत्तर-पूर्वी मानसून आता है जो हिमालयी क्षेत्र में बारिश और बर्फबारी के लिए जिम्मेदार होता है।

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