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चार धाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी खुशखबरी, नैनीताल कोर्ट ने हटाई रोक; अब आराम से जा सकेंगे …श्रद्धालु

उत्तराखंड में चार धामा यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं की नैनीताल कोर्ट ने बड़ी खुशखबरी दी है, जिससे अब लोग अधिक से अधिक संख्या में भगवान की दर्शन कर सकेंगे। दरअसल नैनीताल हाईकोर्ट ने श्रद्धालुओं के निश्चित संख्या वाले अपने आदेश से रोक हटा ली है। जिससे अब अधिक से अधिक श्रद्धालु चार धाम की यात्रा पर जा सकेंगे। बता दें कि पूर्व में कोर्ट ने केदारनाथ धाम के लिए प्रतिदिन 800, बदरीनाथ धाम के लिए 1000, गंगोत्री के लिए 600, यमुनोत्री के लिए 400 श्रद्धालुओं की ही अनुमति दी थी।

By Amit ranjan 
Updated Date

नई दिल्ली : उत्तराखंड में चार धामा यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं की नैनीताल कोर्ट ने बड़ी खुशखबरी दी है, जिससे अब लोग अधिक से अधिक संख्या में भगवान की दर्शन कर सकेंगे। दरअसल नैनीताल हाईकोर्ट ने श्रद्धालुओं के निश्चित संख्या वाले अपने आदेश से रोक हटा ली है। जिससे अब अधिक से अधिक श्रद्धालु चार धाम की यात्रा पर जा सकेंगे। बता दें कि पूर्व में कोर्ट ने केदारनाथ धाम के लिए प्रतिदिन 800, बदरीनाथ धाम के लिए 1000, गंगोत्री के लिए 600, यमुनोत्री के लिए 400 श्रद्धालुओं की ही अनुमति दी थी।

पुरोहितों में खुशी का माहौल

चार धाम यात्रा में यात्रियों की निर्धारित संख्या की रोक हटने के बाद तीर्थ पुरोहितों में खुशी की लहर है। स्थानीय लोगों और तीर्थ पुरोहितों ने इसके लिए हाईकोर्ट का आभार जताया है। लोगों ने कहा कि अब यात्रा सुचारू रूप से चल सकेगी। क्योंकि यात्रियों की सीमित बाध्यता होने से श्रद्धालुओं  को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण की वजह से चार धाम यात्रा पर रोक लगी हुई थी। रोक की वजह से स्थानीय लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में लोगों का रोजगार ठप पड़ा गया और कोरोना के मामले कम होने पर चार धाम यात्रा खोलने की मांग की जा रही थी।

सरकार ने दाखिल किया था प्रार्थना पत्र

आपको बता दें कि यात्रा के लिए तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ाने को लेकर हाल ही में सरकार ने हाईकोर्ट में प्रार्थनापत्र दाखिल किया था। इसके बाद सोमवार को महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर और मुख्य स्थायी अधिवक्ता चंद्रशेखर रावत ने कोर्ट में इस प्रकरण पर शीघ्र सुनवाई के लिए प्रार्थना की थी। महाधिवक्ता ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा था कि कोविड को देखते हुए कोर्ट ने पूर्व में चारधाम यात्रा के लिए श्रद्धालुओं की संख्या निर्धारित की थी। वर्तमान में प्रदेश में कोविड के मामले ना के बराबर आ रहे हैं। इसलिए चारधाम यात्रा के लिए श्रद्धालुओं की निर्धारित संख्या को बढ़ाया जाए।

यात्रा समाप्त होने में बचा 40 दिन का समय

महाधिवक्ता ने कोर्ट में कहा था कि चारधाम यात्रा समाप्त होने में 40 दिन से कम का समय बचा है। इसलिए जितने भी श्रद्धालु वहां आ रहे हैं, उन्हें दर्शन करने की अनुमति दी जाए। जो श्रद्धालु ऑनलाइन दर्शन करने के लिए रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं वे नहीं आ रहे हैं। इससे स्थानीय लोगों के सामने रोजी-रोजी का संकट खड़ा हो गया है। सरकार की ओर से कहा गया था कि कोर्ट के पूर्व के दिशा निर्देशों का हर संभव पालन किया जा रहा।

यात्रियों से सीएम की अपील, कोविड नियमों का पालन जरूर करें

वहीं, सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हाईकोट के फैसले के बाद अब चारधाम में ज्यादा तीर्थयात्री आ सकेंगे। उन्होंने कहा कि यात्रियों को असुविधा ना हो इसके लिए अफसरों को निर्देश दिए गए हैं। यात्रियों से अपील है कि यात्रा के दौरान कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करें। सरकार महामारी को रोकने में कोई ढिलाई नहीं बरतेगी। यात्रियों के लिए आरटीपीसीआर रिपोर्ट और डबल डोज वैक्सीनेशन जरूरी है। वहीं, उत्तराखंड भाजपा प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार ने आज बदरीनाथ धाम पहुंचकर दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने चारधाम यात्रा में तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ाने को लेकर हाईकोर्ट का धन्यवाद किया।

छह अक्तूबर से करें पंजीकरण

केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम की 15 अक्तूबर से आगे की यात्रा के लिए छह अक्तूबर यानी बुधवार से पंजीकरण किया जा सकेगा। नवरात्रों के चलते चारों धामों में 15 अक्तूबर तक पंजीकरण फुल हैं। लगभग 70 हजार यात्रियों ने पंजीकरण कराया है।

चारधाम तीर्थयात्रियों को स्मार्ट सिटी पोर्टल पर पंजीकरण में छूट

चारधाम यात्रा के लिए बाहरी राज्यों से आने वाले यात्रियों को अब स्मार्ट सिटी पोर्टल पर अलग से पंजीकरण नहीं करना पड़ेगा। यात्रियों की सुविधा के लिए सरकार ने इस व्यवस्था में छूट दी है। हालांकि ई-पास के उन्हें देवस्थानम बोर्ड की वेबसाइट www.devasthanam.uk.gov.in व www.badrinath-kedarnath.gov.in पर अनिवार्य रूप से पंजीकरण होगा।

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