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उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2022 में भाजपा का युवा कार्ड, पार्टी नेतृत्व ने साफ दिए संकेत…

गले साल पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में होने वालो विधानसभा चुनाव ने सियासी हलचल को तेज कर दिया है। जहाँ एक तरफ बीजेपी अपने तमाम बड़े चेहरों की रैलियां करवा रही हैं तो वहीं कांग्रेस भी इस बार युवा चेहरों पर भरोसा जता रही है। और इसी सब के चलते आने वाले विधानसभा चुनावो को लेकर बीजेपी ने साफ संकेत दिये हैं कि पार्टि की यूवा मतदाताओं पर नज़र है। साथ ही इस बार पार्टी कमजोर प्रत्याशियों की टिकट कटने वाली हैं।

By RNI Hindi Desk 
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रिपोर्ट:अनुष्का सिंह 

देहरादून : अगले साल पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में होने वालो विधानसभा चुनाव ने सियासी हलचल को तेज कर दिया है। जहाँ एक तरफ बीजेपी अपने तमाम बड़े चेहरों की रैलियां करवा रही हैं तो वहीं कांग्रेस भी इस बार युवा चेहरों पर भरोसा जता रही है। और इसी सब के चलते आने वाले विधानसभा चुनावो को लेकर बीजेपी ने साफ संकेत दिये हैं कि पार्टि की यूवा मतदाताओं पर नज़र है। साथ ही इस बार पार्टी कमजोर प्रत्याशियों की टिकट कटने वाली हैं।

आपको बता दे कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने खुद पार्टी मुख्यालय में हुई एक प्रेस कांप्रेस के ज़रिये  कहा है कि भाजपा उत्तराखंड में आने वाले विधानसभा चुनाव-2022,  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के युवा चेहरे पर लड़ेगी। इस ई-संवाद में पार्टी नेताओं ने वर्चुअल माध्यम से प्रदेशभर के कार्यकर्ताओं से बात की थी।

बता दे कि सत्ता मे वापसी के लिये पार्टी ने युवा और महीला चेहरों पर दांव लगाने का फैसला लिया है। जिसके चलते राज्य को युवा सरकार का लालच देकर लगभग 40 लाख युवा मतदाताओ को लुभाने की कोशिश की है। और संकेत दिया है कि इस बार युवाओं और महिलाओं को टिकट वितरण मे प्राथमिकता दी जाऐगी। बता दे कि युवाओ और महिलाओं का चुनाव मे काफी महत्तव है। राज्य में अभी तक कुल 78.46 लाख मतदाता हैं और जिनमें से 48 फीसदी महिला और 49 फीसदी युवा मतदाता हैं। प्रदेश में 18 से 39 आयु के 38 लाख 31 हजार 394 मतदाता हैं, जबकि राज्य में 37 लाख 58 हजार 730 महिला मतदाता हैं। जो कि चुनावो मे बड़ा फेरबदल करने की क्षमता रखते हैं।

सूत्रो से खबर है कि आने वाले चुनावो मे बड़े फेरबदल की उम्मीद की जा सकती  है। जिन सीटो पर हार की आशंका है या उम्रदराज विधायको के चलते स्थिति जीतने वाली नज़र नही आ रही है। वहाँ पर पार्टी सक्रिय युवा उम्मीदवार चहरे खड़ा कर सकती हैं। और अपनी इसी रणनीती के चलते पर्टी को उम्मीद है कि वह अपने 60 पार के संकल्प को पूरा कर पाऐगी।

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