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उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में 5 पर्यटकों की मौत, 1 घायल; प्रशासन ने दी पूरी जानकारी

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने कहा कि 65 से अधिक पर्यटक बागेश्वर के ऊंचे इलाकों में फंस गए हैं, जिनमें कफनी में 20, द्वाली ग्लेशियर में 34 और सुंदरधुंगा में 10 लोग शामिल हैं।

By RNI Hindi Desk 
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रिर्पोट: अनुष्का सिंह

नई दिल्ली: उत्तराखंड में पिछले कई दिनों से बारिश हो रही है, जिससे वहां की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। गुरुवार को अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्तराखंड में हाल ही में हुई भारी बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित कुमाऊं क्षेत्र के बागेश्वर जिले के सुंदरधुंगा ग्लेशियर में पांच पर्यटकों की मौत हो गई और एक लापता है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि बागेश्वर से करीब 80 किलोमीटर दूर इस जगह से चार लोगों को बचा लिया गया है। उनका कहना है कि 65 से अधिक पर्यटक बागेश्वर के ऊंचे इलाकों में फंस गए हैं, जिनमें कफनी में 20, द्वाली ग्लेशियर में 34 और सुंदरधुंगा में 10 लोग शामिल हैं। सुयाल ने आगे कहा कि, “हमने जिले से तीन बचाव दल भेजे हैं। देहरादून से एक हेलीकॉप्टर और एनडीआरएफ की एक टीम भी पर्यटकों को बचाने के लिए भेजी गई है, जो ज्यादातर कोलकाता से हैं।”
उन्होंने कहा कि बुधवार को भेजी गई बचाव टीमों में से एक ने द्वाली ग्लेशियर पहुंच कर वहाँ फंसे 22 पर्यटकों को बचाया। अधिकारी ने कहा कि बचाए गए लोगों को पिंडर नदी के पूर्वी हिस्से में ले जाया गया है और ग्लेशियर में फंसे अन्य पर्यटकों को बचाने के प्रयास जारी हैं। सुयाल के मुताबिक, पर्यटक पिछले चार दिनों से फंसे हुए हैं। ही उनका कहना है कि, “आज भेजी गई टीमें संभवत: आज रात मौके पर पहुंचेंगी और उसके बाद ही वास्तविक स्थिति और फंसे हुए पर्यटकों की संख्या का पता चलेगा।”
प्रशासन ने कहा कि इस बीच, पिथौरागढ़ जिले के दारमा और व्यास घाटियों में फंसे 60 से अधिक पर्यटकों को गुरुवार को भारतीय सेना के चिनूक और एएलएच हेलीकॉप्टरों द्वारा बचाया गया है। प्रशासन ने आगो बताया कि पर्यटकों को तीन उड़ानों में नैनी सैनी हवाईअड्डे पर ले जाया गया।
साथ ही जिला मजिस्ट्रेट आशीष चौहान ने बयान देते हुए कहा है कि, “उत्तर प्रदेश के झांसी और बबीना क्षेत्रों के 30 से अधिक पर्यटक, जो छोटा कैलाश का दौरा कर रहे थे, पिछले पांच दिनों से फंसे हुए थे। प्रशासन ने उन्हें बचाने के लिए सेना की मदद ली क्योंकि भारी बारिश के बाद सड़क अवरुद्ध हो गई थी। पर्यटक को आज सुरक्षित पिथौरागढ़ हवाई अड्डे पर ले जाया गया ।“ चौहान के अनुसार, कोलकाता से पर्यटकों का एक अन्य समूह जो पांच दिन पहले पंचचुली चोटियों को देखने के लिए दारमा घाटी गया था, जहां दारमा का रास्ता बंद होने के कारण वे फंस गये। साथ ही उन्होंने कहा कि, “इस समूह को भी आज सेना के चिनूक हेलीकॉप्टरों ने बचाया।”
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी के अनुसार, एएलएच हेलीकॉप्टरों ने एक बीमार व्यक्ति को भी दारमा घाटी से हल्द्वानी अस्पताल पहुंचाया। बता दें कि दो चरवाहों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए पिथौरागढ़ ले जाने के लिए दारमा घाटी के चल गांव में एक मेडिकल टीम भी भेजी गई है। पिथौरागढ़ आपदा प्रबंधन अधिकारी भूपेंद्र महार ने कहा कि बुधवार को चल गांव में बर्फ से भरे नाले में फंसने से उन चरवाहों की मौत हो गई थी।

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