1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. यूपी पंचायत चुनाव को लेकर योगी सरकार ने कार्ट में मानी अपनी गलती, कहा 2015 को…

यूपी पंचायत चुनाव को लेकर योगी सरकार ने कार्ट में मानी अपनी गलती, कहा 2015 को…

By RNI Hindi Desk 
Updated Date

रिपोर्ट: सत्यम दुबे

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश में होने वाली त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जारी आरक्षण प्रकृया में सरकार ने कोर्ट में अपनी गलती स्वीकार कर ली है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में वर्ष 2015 को आधार मानकर आरक्षण प्रणाली को लागू कर पंचायत चुनाव कराने का निर्देश दिया है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में 2015 को आधार वर्ष मानकर आरक्षण पूरा करने का आदेश राज्य सरकार और चुनाव आयोग को दिया है। आपको बता दें कि राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में स्वयं कहा कि वह 2015 को आधार वर्ष मानकर त्रिस्तरीय चुनाव में आरक्षण की व्यवस्था लागू करने के लिए स्वयं तत्पर है।

सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह ने स्वीकार किया कि सरकार से आरक्षण प्रक्रिया लागू करने में गलती हुई। इसके बाद हाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव को 25 मई तक पूरा करने के आदेश दिया है। जबकि 27 मार्च तक संशोधित आरक्षण सूची जारी करने का भी निर्देश दिया है। आपको बता दें कि योगी सरकार इससे पहले 17 मार्च को ही आरक्षण की संशोधित सूचित जारी करने की तैयारी में थी।

आपको बता दें कि शनिवार को न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी एवं न्यायमूर्ति मनीष माथुर की खंडपीठ ने अजय कुमार की ओर से दाखिल एक जनहित याचिका पर फाइनल सूची जारी करने पर रोक लगा दी थी। याचिका में 1995 को 20 वर्ष मानकर आरक्षण तय करने को चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट ने सरकार और राज्य चुनाव आयोग से जवाब मांगा था।

अजय कुमार द्वारा दायक की गई जनहित याचिका में 11 फरवरी 2021 के यूपी शासनादेश को चुनौती दी गई। याचिका में कहा गया है कि पंचायत चुनाव में आरक्षण लागू किए जाने सम्बंधी नियमावली के नियम 4 के तहत जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत व ग्राम पंचायत की सीटों पर आरक्षण लागू किया जाता है।

वहीं याचिका में आगे कहा गया था कि आरक्षण लागू करने के संबंध में 1995 को मूल वर्ष मानते हुए 1995, 2000, 2005 व 2010 के चुनाव सम्पन्न कराए गए थे, लेकिन 16 सितंबर 2015 को एक शासनादेश जारी करते हुए साल 1995 के बजाय साल 2015 को मूल वर्ष मानते हुए आरक्षण लागू किए जाने की प्रक्रिया अपनाई गई थी। लेकिन योगी सरकार मे 1995 को ही आधार वर्ष मानकर आरक्षण प्रकृया लागू कर दी थी।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...