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बलिया पत्रकार मर्डर केस : पिता ने पुलिस की कहानी को बताया झूठा, बोले ये आपसी विवाद नहीं

By RNI Hindi Desk 
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बलिया जिले के फेफना थाना से करीब 500 मीटर दूर गांव पत्रकार रतन सिंह की हत्या का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। रतन सिंह के पिता विनोद सिंह ने पुलिस की उस थ्योरी को झूठा करार दिया जिसमें कहा जा रहा था कि यह आपसी विवाद में हत्या हुई है। आईजी ने बताया था कि जमीनी विवाद में एक पक्ष ने भूसा रखा था तो दूसरे पक्ष ने उसी जमीन पर पुवाल लाकर रख दिया। इसी विवाद के बाद गोली चली और पत्रकार रतन सिंह की मौत हो गई।

पिता विनोद सिंह ने पत्रकारों से दावा किया है कि जिस जमीन के बारे में पुलिस बता रही है वहां जाकर कोई भी देख लें कि पुवाल और भूसा रखा गया है या नहीं। उन्होंने कहा पुलिस पूरी तरह से झूठ बोल रही है। विनोद सिंह का कहना है कि यह आपसी रंजिश में हत्या नहीं है। मामले की सही जांच होनी चाहिए। उन्होंने स्थानीय पुलिस पर कई आरोप भी लगाए। उन्होंने कहा कि लोकल पुलिस बड़े अधिकारियों को सही जानकारी नहीं दे रही है।

यह है पूरा मामला :

सोमवार की रात करीब नौ बजे पत्रकार रतन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमलावरों ने रतन को दौड़ाकर गोली मारी और वारदात को अंजाम देने के बाद भाग निकले। बताया जा रहा है कि पत्रकार रतन सिंह सोमवार को पूरे दिन जिला मुख्यालय बलिया में रहने के बाद शाम को अपने गांव चले गए। शाम को गांव में ही किसी के यहां बैठने के बाद पैदल ही वापस घर जा रहे थे। तभी घर कुछ लोगों ने उनपर फायर झोंक दिया। ग्रामीणों के अनुसार जान बचाने के लिए रतन ग्राम प्रधान में घर में घुस गए लेकिन हमलावरों ने पीछा नहीं छोड़ा और एक-एक कर तीन गोलियां दाग दी। इससे रतन की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।

सीएम ने 10 लाख की दी आर्थिक सहायता,  मंत्री का हुआ घेराव : 

मंगलवार की सुबह मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल जिला अस्पताल पहुंचे तो पत्रकारों ने उन्हें घेर लिया। मुख्यमंत्री की ओर से दस लाख की सहायता राशि को नाकाफी बताते हुए 50 लाख देने और पत्नी को नौकरी की मांग की। मंत्री ने मांग को जायज बताते हुए भरोसा दिया कि इस सम्बंध में मुख्यमंत्री से बात कर हरसम्भव मदद दिलाएंगे। जिस समय मंत्री आनंद शुक्ल पत्रकारों से बात कर रहे थे, उसी वक्त रतन सिंह के दो परिजन रोते हुए स्थानीय पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाने लगे। उन्होंने पैसा लेकर आरोपितों को संरक्षण देने का आरोप पुलिस पर लगाया। मन्त्री ने जांच कराने का भरोसा दिया।  राज्यमंत्री ने पत्रकारों से कहा कि रतन सिंह की हत्या से हम सभी दुखी हैं। मुख्यमंत्री ने दस लाख रूपए की सहायता की घोषणा की है। रतन सिंह के परिवार के लिए अन्य व्यवस्था भी की जाएगी। भरोसा दिया कि प्रदेश सरकार रतन सिंह के परिवार के साथ खड़ी है। पीड़ित परिवार में एक नौकरी न्यायोचित मांग है। इसके लिए मुख्यमंत्री से बात करेंगे।

 

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