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शर्मनाक: 12 साल के बच्चे ने किया 5 साल की बच्ची का यौन उत्पीड़न, पूजा देखने गई थी मां और…

Shameful: 12 year old child sexually assaulted 5 year old girl; उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में शर्मनाक हरकत। 12 साल के बच्चे ने किया 4 साल की बच्ची का यौन उत्पीड़न। यूकेजी में पढ़ती है बच्ची।

By Amit ranjan 
Updated Date

नई दिल्ली : यह खबर उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की है, लेकिन चिंताजनक है। खासकर उन सभी पैरेंट्स के लिए जो अपना स्मार्टफोन बच्चों के हाथों में बेफिक्री से थमा देते है। ऐसे पैरेंट्स को अब सावधान रहने की जरुरत है। क्योंकि कम उम्र में इंटरनेट तक बच्चों की पहुंच उन्हें गलत रास्ते पर ले जा रहा है। एक ऐसा ही मामला गाजियाबाद के विजय नगर थाना क्षेत्र से सामने आया है। जहां ट्यूशन पढ़ने के लिए गई पांच साल की बच्ची से यौन उत्पीड़न हुआ। जिसका आरोप ट्यूटर के ही 12 साल के बेटे पर है।

अकेला पाकर किया बच्ची का उत्पीड़न

जानकारी के अनुसार, विजयनगर की कॉलोनी में रहने वाले एक शख्स की बेटी यूकेजी में पढ़ती है। वह उनकी ही बिल्डिंग में तीसरे फ्लोर पर रहने वाली एक महिला के पास ट्यूशन पढ़ने के लिए जाती है। बच्ची के पिता ने बताया कि महिला के पास ट्यूशन पढ़ने के लिए उनकी बेटी और बेटा दोनों जाते हैं। मंगलवार को परिवार में एक कार्यक्रम था, इसलिए बेटे को कुछ सामान लेने के लिए भेजा था। इस वजह से वह ट्यूशन नहीं गया और बेटी को शाम को अकेली ट्यूशन जाना पड़ा। इस बीच महिला टीचर प्रसाद लेने नीचे आई, तो उसके 12 साल के बेटे ने बच्ची को अकेला पाकर उसका उत्पीड़न किया। कुछ देर बात बच्ची घर आई।

अस्पताल पहुंचने पर हुई उत्पीड़न की जानकारी

बच्ची ने घर आकर दर्द होने के बारे में बताया। उसके कपड़ों पर खून देखकर पैरंट्स उसे प्राइवेट अस्पताल लेकर गए। जहां से उन्हें एमएमजी अस्पताल जाने को कहा गया। अस्पताल में इलाज के बाद डॉक्टर ने बच्ची के साथ कुछ गलत होने के बारे में बताया। इसके बाद जब बच्ची से पूछा गया तो उसने पूरी घटना बताई। परिवार का आरोप है कि ट्यूटर ने अस्पताल पहुंचकर उनके परिचय वाले डॉक्टर से बेटी का इलाज करने का दबाव बनाया। जब उन्होंने इंकार कर दिया तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई।

कुछ दिन से परेशान थी बच्ची, पर नहीं समझ सके

बच्ची के पिता ने बताया कि बीते कुछ दिनों से उनकी बेटी ट्यूशन जाने से बच रही थी। इसके बाद ट्यूटर का बेटा जब उसे खेलने के लिए बुलाता था तो वह परेशान होती थी। उन्होंने बताया कि करीब पांच दिन पहले वह बेटी को बुलाने आया था तो उसने जाने से मना कर दिया। हालांकि बच्ची के यह इशारे पैरंट्स समझ नहीं पाए और उन्होंने इस व्यवहार पर उससे बात नहीं की और यह घटना हो गई।

बच्चे पर मोबाइल का असर, जांच शुरू

आपको बता दें कि बच्ची का उत्पीड़न करने वाला बच्चा खुद 7वीं क्लास में पढ़ाई करता है। जानकारी के अनुसार वह ऑनलाइन क्लास के साथ मोबाइल का ज्यादा प्रयोग करता है। ऐसे में पुलिस को अंदेशा है कि वह कुछ ऐसे आपत्तिजनक कंटेंट को देख रहा होगा, जिससे उसके व्यवहार में अंतर आया। थाना प्रभारी ने बताया कि सभी फैक्ट्स की जांच की जा रही है।

बच्चों के हर हाव-भाव पर दें ध्यान

इस घटना के संबंध में एक मनोचिकित्सक ने बताया कि इस मामले में बच्ची का उस बच्चे के साथ खेलने जाने से मना करने से पहले उसके व्यवहार में कुछ चिड़चिड़ापन आया होगा, पैरंट्स ने इसे इग्नोर किया। उसके अचानक किसी बात पर विरोध पर पैरंट्स को उससे शांत माहौल में बात करने की जरूरत थी। ज्यादातर पैरंट्स इस तरह की बातों को नहीं समझते या व्यस्त होने के कारण इस पर ध्यान नहीं देते, जबकि बच्चों के मामले में यह जरूरी है। बच्चों के लिए इस तरह की घटना को समझना मुश्किल होता है, ऐसे में जरूरी है कि उन्हें गुड टच और बेड टच जरूर सिखाएं। जिससे इस बारे में जरूरत पड़ने पर वे आपको फौरन बता सकें।

मोबाइल का प्रयोग संभल कर करें

ऑनलाइन क्लास के दौरान बच्चे सीधा स्मार्टफोन के संपर्क में रह रहे हैं। पैरंट्स बच्चों को मोबाइल देकर काम में लग जाते हैं, यह गलत है। उन्हें बच्चों पर नजर रखनी होगी। अगर बच्चा कमरे में मोबाइल लेकर बैठा है तो अंदर जाने पर उसके चेहरे और अंगुलियों पर नजर रखें। अगर तेज मूवमेंट हो तो उससे बात कर मोबाइल को फौरन चेक करें। अगर कई घंटे मोबाइल चलाने के बाद उसमें कोई हिस्ट्री नहीं मिले तो भी अलर्ट होने की जरूरत है।

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