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जाने ऐसी क्या खास बात है अलीगढ़ के कासिमपुर पावर हाउस में

कासिमपुर पावर हाउस में चार जनवरी को 660 मेगावाट की नई यूनिट का उद्घाटन होना है। इसके लिए कई माह से प्रयास किया जा रहा है, लेकिन अब सीएम योगी आदित्यनाथ का आना तय हो गया है। इस यूनिट के चालू होने पर परियोजना में 1280 मेगावाट बिजली का उत्पादन होने लगेगा। अभी 620 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है।

By RNI Hindi Desk 
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रिपोर्ट- धीरज मिश्रा

अलीगढ़: कासिमपुर जिले के लिए अच्छी खबर है। अलीगढ़ के नाम एक और उपलब्धि होगी। ताला और तालीम के लिए पहचाने जाने वाले अलीगढ़ को पश्चिम उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक बिजली उत्पादन के लिए भी पहचाना जाएगा। कासिमपुर पावर हाउस में चार जनवरी को 660 मेगावाट की नई यूनिट का उद्घाटन होना है। इसके लिए कई माह से प्रयास किया जा रहा है, लेकिन अब सीएम योगी आदित्यनाथ का आना तय हो गया है। इस यूनिट के चालू होने पर परियोजना में 1280 मेगावाट बिजली का उत्पादन होने लगेगा। अभी 620 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है।

  1. 1945 में कासिमपुर पावर हाउस की स्थापना।
  2. 95 हेक्टेयर क्षेत्र में है यह परियोजना।
  3. 09 यूनिटें हैं परियोजना में।
  4. 06 यूनिटें बंद हैं, इन्हें बेकार घोषित किया जा चुका है।
  5. 03 यूनिटें चालू हैं, जिनसे 620 मेगावाट यूनिट बिजली का उत्पादन हो रहा है।
  6. 10 नंबर यूनिट बनकर तैयार है, जिसका उद्घाटन होना है।

तो इसी लीये चुना गया कासिमपुर PowerHouse पश्चिम उत्तर प्रदेश बिजली उत्पादन में सबसे कमजोर हुआ करता था। इसके चलते 1945 में विद्युत प्लांट बढ़ाने की योजना तैयार की गई। अलीगढ़ जिला मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर कासिमपुर को बिजली उत्पादन के लिए काफी मुफीद माना गया। क्योंकि, यह गंग नहर के सहारे बसा हुआ है। जिसमें 24 घंटे पानी भरपूर मात्रा में मिलता है।

  1. 03 यूनिटें शुरू में 10 -10 मेगावाट की स्थापित की गई थीं, इन्हें अ, ब नाम से पहचाना गया।
  2. 03 यूनिटें 1964 में 30-30 मेगावाट की स्थापित की गईं, इन्हें स नाम से जाना गया।
  3. 1968 में दो इकाइयां 50-50 मेगावाट व दो 55-55 मेगावाट की स्थापित की गईं, इन्हें द विद्युत गृह नाम दिया गया।
  4. 1992 में लागत अधिक होने और ध्वनि प्रदूषण के चलते अ, ब व स नाम से पहचानी जाने वाली छह यूनिटें बंद कर दी गईं।
  5. 1999 में द विद्युत गृह की सभी चारों इकाइयां बंद कर दी गईँ।

70 के दशक में हुआ था विस्तार

  1. 1970 में पूर्व यूनिटों को एक, दो, तीन व चार नंबर यूनिट मानते हुए विस्तार की योजना तैयार की गई।
  2. 1974 में 60-60 मेगावाट की यूनिट नंबर पांच व छह और 110 मेगावाट की यूनिट नंबर सात स्थापित की गई।
  3. 2015 में यूनिट नंबर पांच व छह बंद कर दी गईं।
  4. 07 नंबर यूनिट को 2015 में 120 मेगावाट में अपग्रेड किया गया।
  5. 2012 में 250-250 मेगावाट की यूनिट नंबर आठ व नौ की स्थापना की गई।

नई यूनिट पर नजर,

  1. 660 मेगावाट उत्पादन क्षमता की है यूनिट नंबर 10।
  2. 60 हेक्टेयर क्षेत्र में नई यूनिट स्थापित की गई है।
  3. 3500 करोड़ थी अनुमानित लागत, जो बाद में बढ़ गई।
  4. 6000 करोड़ रूपये लागत आई है नई यूनिट को स्थापित करने में।
  5. 15 दिसबंर 2015 को पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने इसका शिलान्यास किया था।

प्रदेश में अनपरा अव्वल,

वर्तमान में अनपरा पावर हाउस (सोनभद्र)प्रदेश में सबसे अधिक बिजली का उत्पादन कर रहा है। यहां 3000 मेगावाट बिजली का उत्पादन होता है।

इमका कहमा है कि यह इमकी बड़ी उपलब्धि है। इससे बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। बिजली उत्पादन में कासिमपुर पावर हाउस पश्चिमी यूपी की सबसे बड़ी यूनिट बन जाएगी। प्रदेश में बिजली आपूर्ति की कोई दिक्कत नहीं होगी।

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