Home उत्तर प्रदेश सुप्रीम कोर्ट में यूपी सरकार ने दाखिल किया ‘ताजमहल’ पर विजन डॉक्यूमेंट

सुप्रीम कोर्ट में यूपी सरकार ने दाखिल किया ‘ताजमहल’ पर विजन डॉक्यूमेंट

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में ताजमहल के संरक्षण मामले की सुनवाई के दौरान उत्तर-प्रदेश सरकार ने ड्राफ्ट विज़न डॉक्यूमेंट दाखिल किया है। उत्‍तर प्रदेश की योगी सरकार ने कोर्ट से कहा कि ताज महल और उसके आसपास के क्षेत्र को नो-प्लास्टिक जोन घोषित किया जाना चाहिए, इसके साथ ही वहां बोतलबंद पानी के इस्तेमाल पर भी रोक होनी चाहिए। यूपी सरकार का कहना है कि क्षेत्र में प्रदूषण फैलाने वाले सभी उद्योगों को बंद कर देना चाहिए और पर्यटन हब बनाने चाहिए। यूपी सरकार ने कोर्ट से कहा कि ताज हेरिटेज क्षेत्र में पैदल यात्रा को बढ़ावा देने के लिए विस्तृत यातायात प्रबंधन योजना की जरूरत. यमुना नदी के किनारे योजनाबद्ध तरीके से सड़कों का निर्माण हो ताकि यातायात सीमित रहे और पदयात्रा को बढ़ावा मिले। इसके साथ ही यमुना के डूबक्षेत्र में निर्माण पूरी तरह बंद होना चाहिए व नदी तट पर सिर्फ प्राकृतिक पेड़- पौधे होने चाहिए.

आपको बता दें कि पिछली सुनवाई के दौरान ताजमहल को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार पर जमकर फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा था कि ताज को सरंक्षण दो या बंद कर दो या ध्वस्त कर दो। इतना ही नहीं कोर्ट ने कहा था कि आप लोग ताजमहल को लेकर गंभीर नहीं है और न ही आपको इसकी परवाह है। हमारा ताज ज्यादा खूबसूरत है और आप टूरिस्ट को लेकर गंभीर नहीं है। ये देश का नुकसान है, ताजमहल को लेकर घोर उदासीनता है। सर्वोच्च न्यायलय की इस तल्ख टिप्पणी के बाद अब यूपी सरकार ने ताज महल पर अपना विजन डॉक्यूमेंट पेश किया है।

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