Home Breaking News Maharashtra: 24 घंटे के लिए फिर टला SC का फैसला, बहुमत पर कल होगी सुनवाई

Maharashtra: 24 घंटे के लिए फिर टला SC का फैसला, बहुमत पर कल होगी सुनवाई

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महाराष्ट्र महराष्ट्र में तीन दिनों से जारी राजनीतिक उठापठक के बीच Supreme Court ने देवेंद्र फडणवीस सरकार के गठन को चुनौती देने वाली कांग्रेस, NCP और शिवसेना की याचिक को छुट्टी के दिन सुना।

तीनों जजों की बेंच ने कहा कि बेशक बहुमत साबित करने का फ्लोर टेस्ट ही तरीका है, लेकिन हम पहले फडणवीस की ओर से दिए गए विधायकों के समर्थन वाले पत्र और राज्यपाल से मिली सरकार बनाने की चिट्ठी देखना चाहते हैं। उसके बाद उचित आदेश जारी हो सकता है।

BJP के पास बहुमत है तो वह 24 घंटे में साबित करे

10:30 बजे तक कोर्ट ने आज दोनों पत्र पेश करने को कहा है और इस मामले में केंद्र, महाराष्ट्र, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री अजित पवार को नोटिस जारी किया। अब आज सुबह सुनवाई होगी।

महा विकास अघाड़ी (शिवसेना, NCP और कांग्रेस) की ओर से कहा गया है कि फडणवीस के पास पर्याप्त संख्या नहीं है। इसकी ओर से पेश कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि अगर BJP के पास बहुमत है तो वह 24 घंटे में साबित करे।

गवर्नर सीधे केंद्र के निर्देश पर काम कर रहे हैं ?

उन्होंने आगे कहा कि बिना कैबिनेट मीटिंग के राष्ट्रपति शासन हटाना अजीब और लोकतंत्र की हत्या है। सरकार बनाने की मंजूरी तब दी, जब NCP के 41 एमएलए साथ नहीं हैं। लगता है कि गवर्नर सीधे केंद्र के निर्देश पर काम कर रहे हैं।

राकांपा के 3 विधायक सोमवार सुबह लौटे मुंबई

राकांपा के 3 विधायक जो अजित पवार के शपथ ग्रहण के बाद से गायब थे, सोमवार सुबह मुंबई लौट आए। कहा जा रहा है कि वे गुड़गांव के होटल में रुके थे। इनमें विधायक दौरत दरौडा, नितिन पवार और अनिल पाटिल शामिल हैं।

पूरी पार्टी तय करती है कि किसके साथ जाना है किसके साथ नहीं: शरद पवार

महाराष्ट्र के कराड में पूर्व मुख्यमंत्री यशवंतराव चाव्हाण की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम में सोमवार को शामिल हुए शरद पवार ने कहा कि, पार्टी में कोई एक व्यक्ति तय चीजें नहीं करता, पूरी पार्टी तय करती है कि किसके साथ जाना है किसके साथ नहीं जाना है।

कांग्रेस, शिवसेना और रांकपा मिलकर सरकार बनाने वाली थी। अजित के फैसले से पार्टी का कोई लेना-देना नहीं। उनसे कोई बातचीत नहीं हुई, हमें 5 साल सरकार चलानी थी। दो अलग-अलग विचारधाराओं की पार्टियों को एक साथ लाना था। इसलिए इतना समय लगा।

पवार ने आगे कहा कि, जॉर्ज फर्नांडीस जैसे लोगों के साथ भी अटल जी ने सरकार बनाई, तब भी हमने देखा उस समय वाजपेयी साहब ने सबको इकट्ठा बैठाया। भाजपा के जितने भी विवादित इश्यू थे, उनको किनारे रखा और एक कॉमन मिनिमम प्रोग्राम तय करके सरकार चलाई।

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