Home उत्तराखंड सरकार ने दिया फंड फिर भी नगर निगम नहीं कर पाया रैनबसेरों की व्यवस्था

सरकार ने दिया फंड फिर भी नगर निगम नहीं कर पाया रैनबसेरों की व्यवस्था

3 second read
0
23

उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी के बाद निचले इलाकों में ठंड ने अपना प्रकोप दिखाया हुआ है। धर्मनगरी हरीद्वार में भी ठंड का प्रकोप  लगातार जारी है, कड़ाके की ठंड और घने कोहरे से हरिद्वार में लोगो का जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। वही हरिद्वार में गरीब लोगों के लिए बने रैनबसेरों का भी बुरा हाल है इन रैनबसेरों में ठंड से बचाव के लिए व्यवस्थाएं दुरुस्त होने के दावे तो किए जाते है।

मगर धरातल पर इन रैनबसेरों की स्थिति काफी खराब है, इन रैनबसेरों में रहने वाले यात्रियों को सिर्फ एक सिंगल कम्बल के सहारे अपनी रात गुजारनी पड रही है यही नहीं यात्रियों को ठंड में सोने के लिए गद्दों की भी व्यवस्था नही है।

हरिद्वार के रैनबसेरों और चोक चौराहों पर नगर निगम व सरकार की तरफ से अलाव की कोई व्यवस्था नहीं की गयी हैं। ठंड से बचाव के लिए नगर निगम द्वारा प्रतिवर्ष अलाव की व्यवस्था की जाती है मगर इस वर्ष नगर निगम आलव की व्यवस्था करने में अभी तक नाकाम साबित हो रहा है। हरकी पैड़ी पर बाहर से आये यात्रियों को भी ठंड का सामना करना पड़ रहा है, हरिद्वार में बने रेन बसेरों का भी बुरा हाल है। वही बाहर से आये यात्रियों को इन रैनबसेरों में सिर्फ एक कम्बल पर सोना पड़ रहा हैं और यहां मौजूद गद्दों को सिर्फ स्टाफ के लिए संभाल कर रखा गया है। वही कुछ दिन पहले हरीद्वार मेयर और नगर निगम एमएनए ने हरीद्वार के तीन रैनबसेरों में कुल तीन हीटर लगवा कर लोगो को ठंड से बचाव की व्यवस्था कर अपने दायित्वय की इतिश्री कर चुके है

रैनबसेरों की हालत यहां की देखरेख करने वाले  व्यवस्थापक बखूबी बयान कर रहे है। यहां की देखरेख करने वाले व्यवस्थापक का कहना है, की रैनबसेरा बहुत बड़ा हैं और इतने बडे रैन बसेरे में एक हीटर की व्यवस्था करने कुछ भी नही होगा। इस वर्ष नगर निगम द्वारा कोई अलाव की व्यवस्था नही की गई है यहां रहने वाले यात्रियों को रात के समय ठंड के प्रकोप में सोना पड़ता है रैनबसेरे गंगा किनारे होने के कारण रैनबसेरों में ठंड बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। वहीं इस मामले में शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक का कहना है। कि शहर के साथ-साथ पूरे उत्तराखंड में सभी जगह अलाव की व्यवस्था की गई है और सभी जगह अलाव जलाए जा रहे हैं।

Share Now
Load More In उत्तराखंड
Comments are closed.