1. हिन्दी समाचार
  2. टैकनोलजी
  3. अब गाड़ी में CNG किट नही बल्कि लगेगा 70 हज़ार का यह किट, पेट्रोल/डीज़ल किसी में भी होगा फिट; माइलेज भी जबरदस्त

अब गाड़ी में CNG किट नही बल्कि लगेगा 70 हज़ार का यह किट, पेट्रोल/डीज़ल किसी में भी होगा फिट; माइलेज भी जबरदस्त

Now the car will not have a CNG kit, but this kit will cost 70 thousand; अब गाड़ी में CNG नहीं लगेगा यह कीट। पेट्रोल-डीजल में किसी में होगा फिट। 70 हजार रुपये में लगेगा कीट।

By Amit ranjan 
Updated Date

नई दिल्ली : देश में लगातार बढ़ते पेट्रोल-डीजल और CNG के कीमतों के कारण वस्तुओं की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। हालांकि पिछले दिनों सरकार ने पेट्रोल और डीजल के कीमतों में गिरावट की थी। इसके बावजूद भी आम लोगों के लिए यह सरदर्द बना हुआ है। क्योंकि पेट्रोल-डीजल के कीमतों में यह कमी स्थाई या लगातार नहीं है।

इसी बीच टैक्सी चालक और गाड़ियों के शौकीनों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल गाड़ियों के स्टार्ट करने के दरमियान सबसे ज्यादा इंधन खर्च होता है और वही गाड़ियों को ब्रेक लगा कर के फिर से दोबारा उसे पिकअप में लाने के दौरान भी बहुत ज्यादा पेट्रोल खर्च होता है। ऐसी स्थिति में यह किट आपके गाड़ी के पेट्रोल को बर्बाद होने से रोकेगा और उस वक्त पर बैटरी खुद गाड़ी को पावर देगी।

जानें क्या है कीट की नाम

आपको बता दें कि इस कीट का नाम EV हाइब्रिड कीट है। इसे लेकर भारत सरकार के उद्योग विभाग ने इसके लिए पॉलिसी ड्राफ्टिंग शुरू कर दिया है। इसमें टेक्नोलॉजी की बात करें तो इसमें आपकी पेट्रोल इंजन के साथ-साथ एक बैटरी पावर भी लगाई जाएगी जो आपकी गाड़ी चलने के साथ-साथ चार्ज होगी और उस चार्ज हुए बैटरी से गाड़ियां बेधड़क ज्यादा बढ़िया पिक अप और कम इंधन में ज्यादा माइलेज देगी। अमूमन इस नए किट को लगवाने के बाद से आपका पेट्रोल इंजन कम से कम 30 से 35% ज्यादा माइलेज देगा।

कितनी होगी कीमत

इसकी कीमत की बात करें तो यह लगभग ₹70000 के आसपास होगी जिसमें की बैटरी चार्ज होने के बाद अगर केवल बैटरी से गाड़ी आप चलाना चाहते हैं तो 60 से 70 किलोमीटर तक गाड़ी केवल बैटरी मोड में चलेगी। और जब बैटरी खत्म हो जाएगी तब अपने आप पेट्रोल इंजन से गाड़ी चलने लगेगी लेकिन इस दरमियान बैटरी चार्ज होते रहेगी।

पेट्रोल और डीजल का झंझट खत्म

यह किट किसी भी प्रकार से इंधन के ऊपर नहीं बनाया गया है अतः गाड़ी किसी भी इंधन पर चलती हो उसमें यह कीट इंस्टॉल किया जा सकेगा और इंधन के माइलेज को बढ़ाया जा सकेगा और इसके साथ ही वक्त पड़ने पर गाड़ी को 70 किलोमीटर तक आराम से केबल इलेक्ट्रॉनिक मोड में चलाया जा सकेगा।

कौन बना रहा है किट

आपको बता दें कि किट बनाने वाली कंपनी वही है जो टाटा, बीएमडब्ल्यू, निशान इत्यादि गाड़ियों के लिए इलेक्ट्रॉनिक वकील बनाने में मदद करती है। कंपनी का नाम KPIT है जो विश्व की दिग्गज कंपनियों में से एक हैं और भारत में इलेक्ट्रॉनिक गाड़ियों के इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में भी बड़ा काम कर रही हैं।

अभी कैसी है स्थिति?

विश्व में लगभग 30% ऐसे देश है जहां पर इस टेक्नोलॉजी का प्रयोग करना गाड़ियों में अनिवार्य है और इसका धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है हालांकि भारतीय मार्केट में यह इसलिए अब तक जगह नहीं बना पाया है क्योंकि भारतीय मार्केट में इसकी पॉलिसी ड्राफ्टिंग नहीं की गई है।

गाड़ी में बचा रहेगा बूट स्पेस

क्योंकि यह कीट बिना किसी सिलेंडर के होता है और इसकी बैटरी भी गाड़ियों के नीचे पैनल में लगाया जा सकता है या अगर बूट में रखा भी जाता है तो अपेक्षाकृत काफी कम जगह लेता है। अतः लोगों को नए Kit में अपने गाड़ी के बूट स्पेस से कंप्रोमाइज नहीं करना होगा।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...