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गवर्नर शक्तिकांत दास ने क्रिप्टोकरेंसी को बताया बड़ा खतरा, जानें क्या पूरा मामला..

Governor Shaktikanta Das told cryptocurrencies a big threat; क्रिप्टोकरेंसी के प्रति लोगों का लगाव बढ़ा। आरबीआई के गर्वनर शक्तिकांत दास ने क्रिप्टोकरेंसी को बताया बहुत बड़ा खतरा।  

By RNI Hindi Desk 
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नई दिल्ली : दुनिया भर में तहलका मचाने वाले डिजीटल करेंसी यानि क्रिप्टोकरेंसी को भारत में अनुमति नहीं  दिए जानें को लेकर रिजर्व बैंक एक बार फिर से दोहराया है। लोगों का क्रिप्टोकरेंसी के प्रति लगाव बढ़ रहा है और कई देशों में इसे मंजूरी भी दे दी है। लेकिन क्रिप्टोकरेंसी को लेकर भारत में अलग ही राय है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गर्वनर शक्तिकांत दास के अनुसार, क्रिप्टोकरेंसी से बहुत बड़ा खतरा है और इसे अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। दास पहले भी अपनी इस राय को रख चुके हैं और अब बुधवार को फिर से उन्होंने अपने विचारों को दोहराया है। उनका कहना है कि क्रिप्टोकरेंसी लॉन्ग टर्म में देश की आर्थिक और वित्तीय स्थिरता के लिए एक गंभीर खतरा है। रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने एक कार्यक्रम में क्रिप्टोकरेंसी को अनुमति न देने संबंधी अपने विचारों को दोहराते हुए कहा कि डिजिटल करेंसी दुनियाभर के सेंट्रल बैंकों के दायरे में नहीं आती है।

ऐसे में किसी फाइनेंशियल सिस्टम के लिए ये बड़ा जोखिम है। आरबीआई गवर्नर का यह बयान रिजर्व बैंक की आंतरिक समिति की क्रिप्टोकरेंसी पर रिपोर्ट आने से पहले आया है। यह रिपोर्ट अगले महीने आने की उम्मीद है।

मार्च 2020 की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट ने क्रिप्टोकरेंसी पर प्रतिबंध लगाने वाले आरबीआई के सर्कुलर को रद्द कर दिया था। इसके बाद 5 फरवरी, 2021 में केंद्रीय बैंक ने केंद्रीय बैंक की डिजिटल मुद्रा के मॉडल का सुझाव देने के लिए एक आंतरिक पैनल का गठन किया था।

क्या है क्रिप्टोकरेंसी

क्रिप्टो यानी ग्रीक भाषा में सीक्रेट यानी गुप्त मुद्रा। आज दुनिया में क़रीब 8 हज़ार से ज़्यादा क्रिप्टोकरेंसी मौजूद हैं। हालाँकि मशहूर बिटकॉइन ही है। बिटकॉइन ऐसी करेंसी है जो सिर्फ़ डिजिटल फ़ॉर्म में होती है. इससे आप वो सब काम कर सकते हैं, जो नॉर्मल करेंसी से करते हैं। जैसे Phonepe और Paytm के वॉलेट से आपने लेनदेन कर लिया। इस पर किसी सरकार का कोई कंट्रोल नहीं है। जिसके पास है सिर्फ़ वही इसका इस्तेमाल कर सकता है। फिर भी भारत में बिटकॉइन ख़रीदना लीगल है।

इस तैयार करने के बाद सबसे ज्यादा जरूरी इसका हिसाब-किताब रखने वाले बहीखाते पर चढ़ाना होता है। जी हां, अगर बहीखाते में इसे नहीं चढ़ाया जाएगा तो ये बेकार है। इसीलिए इसे ब्लॉकचेन के लेजर में भी इसे जोड़ा जाता है। माइनिंग के लिए पावरफुल कंप्यूटर की जरुरत होती है।

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