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धोखाधड़ी: आखिर SBI के पूर्व चेयरमैन ने क्यों बेच दी थी 250 करोड़ के होटल को 25 करोड़ में, जानिए पूरी कहानी

Fraud: After all, why did the former SBI chairman sell a hotel worth 250 crores for 25 crores ; जैसलमेर होटल लोन धोखाधड़ी मामले में एसबीआई के पूर्व चेयरमैन प्रतीप चौधरी  गिरफ्तार। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जैसलमेर की कोर्ट में पेश किया गया

By RNI Hindi Desk 
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नई दिल्ली : जैसलमेर होटल लोन धोखाधड़ी मामले में देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई के पूर्व चेयरमैन प्रतीप चौधरी  को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रतीप चौधरी को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जैसलमेर की कोर्ट में पेश किया गया। प्रतीप चौधरी को रविवार को दिल्ली में उनके आवास से गिरफ्तार किया गया था। जैसलमेर जिला पुलिस अधीक्षक डॉ अजय सिंह ने बताया कि जैसलमेर कोर्ट के आदेश पर जैसलमेर पुलिस की ओर से चौधरी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया था और उन्हें दिल्ली स्थित आवास से गिरफ्तार कर जैसलमेर लाया गया।

14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए

पुलिस अधिकारी ने बताया कि एसबीआई के पूर्व प्रमुख को गिरफ्तार कर सोमवार को अदालत में पेश किया गया। उन पर अनियमितता और धोखाधड़ी का मामला लगाया गया है। उनका कहना है कि एसबीआई के पूर्व प्रमुख की जमानत याचिका कोर्ट ने खारिज कर दी और उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

200 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी को सिर्फ 25 करोड़ रुपये में बेच दिया

प्रतीप चौधरी पर आरोप है कि उन्होंने 200 करोड़ रुपये की एक प्रॉपर्टी को सिर्फ 25 करोड़ रुपये में बेच दिया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी जिसके बाद उन्हें जैसलमेर जेल भेज दिया गया। यह मामला जैसलमेर में स्थित एक होटल की प्रॉपर्टी को NPA करने के बाद गलत तरीके से बेचने से जुड़ा है।

प्रतीप चौधरी पर आरोप है कि उन्होंने अलकेमिस्ट ARC नाम की एक कंपनी को लोन डिफॉल्ट करने पर यह होटल नाम मात्र के भाव में बेच दिया। रिटायरमेंट के बाद चौधरी को उस कंपनी में निदेशक का पद दे दिया गया जिसे सस्ते में होटल बेचा गया था। राजवाडा होटल समूह ने जैसलमेर में बन रहे अपने होटल के निर्माण के लिए साल 2008 में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की जोधपुर शाखा से 24 करोड़ का ऋण लिया था, लेकिन जब होटल समूह उसे चुका नहीं पाया तो एसबीआई ने इसे नॉन परफॉर्मिंग एसेट (NPA) मानते हुये होटल समूह के निर्माणाधीन और उसके एक चलते हुए होटल को जब्त कर लिया था। उस समय प्रतीप चौधरी स्टेट बैंक के चेयरमैन थे।

इसके बाद साल 2010 में उन्होंने छह करोड़ रुपये का लोन और मांगा जिसके लिए बैंक ने मना कर दिया। इसके बाद राठौर का हर्ट अटैक से निधन हो गया। उनकी मृत्यु के दो महीने बाद SBI ने राजवाडा होटल को दिए लोन को NPA में कन्वर्ट कर दिया और प्रॉपर्टी पर कब्जा कर लिया। इसके बाद राठौर की दोनों संपत्ति की वैल्यू लगाई गई, उनके पुत्र को लोन वापस करने के लिए कहा गया। इसके बाद चौधरी रिटायर हो गए और रिकवरी कंपनी में एक बिचौलिए अलोक धीर को निदेशक बना दिया गया।

प्रतीप चौधरी ने जिस कंपनी को कौड़ियों के भाव होटल खरीदने में मदद की, उसी कंपनी में निदेशक बने। होटल समूह की इन एसेट की वर्तमान समय में कीमत 250 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पिछले दिनों इस मामले में सीजेएम कोर्ट ने इस मामले में प्रतीप चौधरी की गिरफ्तारी के आदेश दिये थे।

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