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एक बार फिर दिल्ली में उत्पाद में मचाएंगे किसान! राकेश टिकैट ने किया ये ऐलान…

Farmers will once again create a buzz in the produce in Delhi! Rakesh Tickett made this announcement...; कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन के 26 नवंबर एक साल पूरे। 500 किसान हर दिन संसद तक शांतिपूर्ण ट्रैक्टर मार्च में हिस्सा लेंगे।

By RNI Hindi Desk 
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नई दिल्ली : केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन के 26 नवंबर एक साल पूरे हो जाएंगे। इस मौके पर 29 नवंबर से शुरू हो रहे शीतकालीन सत्र के दौरान 500 किसान हर दिन संसद तक शांतिपूर्ण ट्रैक्टर मार्च में हिस्सा लेंगे। संसद का शीतकालीन सत्र 29 नवंबर से 23 दिसंबर तक चलेगा।

बता दें कि पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसान पिछले साल 26 नवंबर से नए कृषि कानूनों को निरस्त किए जाने की मांग को लेकर दिल्ली की सीमाओं पर डेरा डाले हुए हैं। उच्चतम न्यायालय ने इन कानूनों के क्रियान्वयन पर जनवरी में रोक लगा दी थी। चालीस किसान संघों के संगठन एसकेएम ने यहां एक बैठक के बाद ट्रैक्टर मार्च की घोषणा की।

इस मुद्दे पर टीवी चैनल बातचीत के दौरान भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि “हम ट्रैक्टर मार्च करने के लिए किसी से अनुमति नहीं लेंगे।” पूछा कि “क्या किसान अफगानिस्तान से आया आतंकवादी है। हम भी भारतीय हैं और हम जहां चाहे वहां जा सकते हैं? कहा कि जहां गाड़ियां जाती हैं, वहां ट्रैक्टर ले जाने से क्या दिक्कत है?”

संगठन ने एक बयान में कहा कि आंदोलन के एक साल पूरे होने के अवसर पर 26 नवंबर और इसके बाद देशभर में आंदोलन को ‘‘व्यापक रूप से’’ धार दी जाएगी। बयान में कहा गया, “एसकेएम ने फैसला किया है कि 29 नवंबर से इस संसद सत्र के अंत तक, 500 चुनिंदा किसान स्वयंसेवक राष्ट्रीय राजधानी में विरोध करने के अपने अधिकार के तहत शांतिपूर्वक और पूरे अनुशासन के साथ ट्रैक्टर ट्रॉली में हर दिन संसद तक जाएंगे।”

बता दें कि इससे पहले 26 जनवरी को हुई ट्रैक्टर रैली शांतिपूर्वक और पूरे अनुशासन के साथ ट्रैक्टर मार्च संसद तक जाने की बात की गई थी लेकिन यह प्रदर्शन हिंसक हो गई थी, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर लगे बैरियर को तोड़ दिए थे और सुरक्षाकर्मियों पर हमला किया तथा लालकिला परिसर में घुसकर वहां एक धार्मिक झंडा लगा दिया था। ऐसे में इस बार ट्रैक्टर रैली शांतिपूर्वक हो इसका क्या भरोसा?

एसकेएम के बयान में कहा गया है कि 26 नवंबर को पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान से दिल्ली की सभी सीमाओं पर भारी भीड़ जुटेगी। इसने कहा, “एसकेएम में शामिल सभी किसान यूनियन इस अवसर के लिए बड़ी संख्या में किसानों को लाएंगे। उस दिन सीमाओं पर विशाल जनसभाएं होंगी।

इस संघर्ष में अब तक शहीद हुए 650 से अधिक लोगों को श्रद्धांजलि दी जाएगी।’’ एसकेएम ने 26 नवंबर को राज्यों की राजधानियों में बड़े पैमाने पर महापंचायतों का भी आह्वान किया है। किसान नेता और राष्ट्रीय किसान मजदूर सभा के प्रतिनिधि अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि संसद जाने के रास्ते में दिल्ली पुलिस जहां भी रोकेगी, किसान वहीं धरने पर बैठेंगे। उन्होंने कहा कि मार्ग को अंतिम रूप देने और ट्रैक्टर मार्च के लिए पुलिस की अनुमति के बारे में कोई भी निर्णय बाद में लिया जाएगा।

कोहाड़ ने न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कहा, ‘‘आज की बैठक में सिर्फ ट्रैक्टर मार्च का फैसला किया गया। मार्ग और अनुमति के बारे में तौर-तरीके कुछ दिनों में तय किए जाएंगे। संसद के रास्ते में, अगर पुलिस हमें रोकती है तो हम वहीं बैठेंगे जहां हमें रोका जाएगा।’’ उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर मार्च शांतिपूर्ण व अनुशासित तरीके से निकाला जाएगा।

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