मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने पिता पूनमचंद यादव के निधन के बाद भी प्रदेश की घटनाओं पर पूरी निगरानी बनाए रखी और आवश्यक निर्देश दिए। उज्जैन स्थित निवास से उन्होंने धार, ग्वालियर और झाबुआ जिलों में हुई घटनाओं के बारे में कलेक्टरों से जानकारी प्राप्त की और राहत कार्यों को सुनिश्चित किया।
