Home उत्तर प्रदेश यूपी में अरबों की शुगर मिल कौड़ियों के भाव बेच दी गई थी !

यूपी में अरबों की शुगर मिल कौड़ियों के भाव बेच दी गई थी !

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अमरोहा। उत्तर प्रदेश में बसपा सरकार ने वर्ष 2010-11 में करोड़ों की चीनी मिल कौडिय़ों के भाव बेच दी गई थी। इतना ही नहीं इन चीनी मिलों की स्टाम्प ड्यूटी में करोड़ों का गोलमाल भी हुआ था। दरअसल तत्कालीन अफसरों ने करोड़ों रुपये की कीमत की मशीनों पर स्टाम्प ड्यूटी तक माफ कर दी थी। इनमें अमरोहा की भी मिल शामिल है, जिसमें 12 करोड़ रुपये का गोलमाल सामने आया है।

खबरों के मुताबिक अक्टूबर 2010 में तत्कालीन बसपा सरकार ने अमरोहा समेत प्रदेश की पांच चीनी मिलों को चड्ढा ग्रुप को कौडिय़ों के भाव बेच दिया था। अमरोहा चीनी मिल को महज 14 करोड़ में बेचा गया था, जबकि इसकी कीमत अरबों रुपये में थी। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जोया रोड पर जिस जगह पर चीनी मिल मौजूद है। उसका उस समय सर्किल रेट 5500 रुपये प्रति स्क्वायर मीटर था। चीनी मिल लगभग 300 बीघे में स्थित है। ऐसे में मिल की बिक्री के लिए तत्कालीन सर्किल रेट पर 13 करोड़ रुपये बतौर स्टाम्प ड्यूटी वसूल किए जाने थे, मगर ऐसा करने पर सौदे के गोलमाल का खुलासा होने का डर था। इसके चलते तत्कालीन अफसरों ने भी बड़ा गोलमाल कर डाला।

जानकारी के मुताबिक अमरोहा के तत्कालीन जिलाधिकारी अनिल कुमार ने एडीएम राजस्व राधाकृष्ण की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित कर मिल की बिक्री पर स्टाम्प शुल्क का आकलन करने के निर्देश दिए। इस कमेटी ने गोलमाल करते हुए महज 98 लाख रुपये स्टाम्प ड्यूटी लिए जाने की संस्तुति कर दी। कौडिय़ों के दाम में चीनी मिल की रजिस्ट्री हो गई। वहीं प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद चीनी मिल बिक्री में हुए गोलमाल की फिर से छानबीन शुरू हुई। मामले की जांच सीबीआइ को सौंप दी गई। वहीं उप महानिरीक्षक निबंधन से मिल बिक्री में लिए गए स्टाम्प शुल्क के बारे में रिपोर्ट तलब की गई, जिसका ब्योरा उन्होंने शासन को भेज दिया है। अब उन कागजों को खंगाला गया तो सामने आया कि तत्कालीन बसपा सरकार में किस तरह अरबों का घोटाला हुआ था।

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