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टेनिस ही नहीं क्रिकेट खेलने वाला भी यह बल्लेबाज 40 सालों से लापता!, 40 की उम्र में किया था डेब्यू

By Amit ranjan 
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नई दिल्ली : 40 की उम्र में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू करने वाले यह बल्लेबाज 40 सालों से लापता है। आज भी लोग इसे ढूंढ रहे है, लेकिन कोई सबूत न मिलने के कारण इन्हें मृत मान लिया गया। हम बात कर रहे है 1936 में टेस्ट डेब्यू करने वाले पूर्व भारतीय क्रिकेटर कार्टर रामास्वामी की। उनका जन्म 16 जून 1896 को मद्रास (अभी चेन्नई) में हुआ था। उन्होंने क्रिकेट के अलावा देश की ओर से टेनिस भी खेला। 15 अक्टूबर 1985 को वे घर से तो निकले, लेकिन लौट कर वापस नहीं आए।

बता दें कि रामास्वामी क्रिकेट खेलने से पहले भारत की ओर से टेनिस का इंटरनेशनल मुकाबला खेल चुके थे। 1922 में डेविस कप में उतरे। टीम ने पहले राउंड के मुकाबले में रोमानिया को हराया था। लेकिन दूसरे राउंड के मुकाबले टीम को स्पेन से हार मिली। हालांकि रामास्वामी अपने दोनों डबल्स के मुकाबले जीतने में सफल रहे। वे 1919 से 1923 तक कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान लोकल टूर्नामेंट जीतने में सफल रहे।

ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट में भी खेल चुके हैं

कार्टर रामास्वामी 1922 में विंबलडन में भी उतरे। उन्होंने पहले राउंड का मुकालबा जीता लेकिन दूसरे राउंड में उन्हें हार मिली। 1923 में उन्होंने साउथ ऑफ इंग्लैंड चैंपियनशिप के फाइनल में गॉर्डन लोव को तीन सेट में हराकर खिताब जीता था। बता दें कि कार्टर रामास्वामी उन तीन भारतीय क्रिकेटरों में शामिल हैं, जिन्होंने बतौर क्रिकेटर दो खेलों में देश का प्रतिनिधित्व किया। एमजे गोपालन और मौजूदा भारतीय टीम में शामिल युजवेंद्र चहले भी ऐसा कर चुके हैं। आपको बता दें कि रामास्वामी के पिता, दो भाई, बेटा और भतीजे भी क्रिकेट खेल चुके हैं।

40 की उम्र में मिला क्रिकेट खेलने का मौका

कार्टर रामास्वामी को 40 की उम्र में जुलाई 1936 में टेस्ट खेलने का मौका मिला। इंग्लैंड के मैनचेस्टर में हुए इस टेस्ट में उन्होंने 40 और 60 रन की पारी खेली। यह मैच ड्रॉ रहा। अंतिम टेस्ट उन्होंने अगस्त 1936 में इंग्लैंड के ही खिलाफ ओवल में खेला। 29 और नाबाद 41 रन बनाए। हालांकि इस मैच में टीम को हार मिली।

बता दें कि रामास्वामी दाएं हाथ से तेज गेंदबाजी भी करते थे। उन्होंने 53 फर्स्ट क्लास मैचों में 29 की औसत से 2400 रन बनाए। 2 शतक और 12 अर्धशतक जड़े। बतौर गेंदबाज 30 विकेट भी लिए। उनका बेस्ट प्रदर्शन 29 रन देकर 4 विकेट रहा। 15 अक्टूबर 1985 को वे घर से निकले और फिर कभी नहीं लौटे। कई बार उनके इधर-उधर दिखने की खबर भी आई लेकिन अब उन्हें मृत मान लिया गया है।

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