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World Wrestling Championship: विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में रजत जीतने वाली पहली भारतीय महिला पहलवान बनीं अंशु मलिक, रचा इतिहास

World Wrestling Championship: विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में 19 वर्षीय अंशु मलिक ने रजत पदक जीतकर एक नया इतिहास अपने नाम किया है। पदक जीतने वाली अंशु पांचवीं महिला है।

By Amit ranjan 
Updated Date

नई दिल्ली : विश्व कुश्ती चैंपियनशिप(World Wrestling Championship) में रजत पदक जीतकर अंशु मलिक(Anshu Malik) ने एक नया इतिहास रचा है, और वो देश की पहली महिला पहलवान बन गई। आपको बता दें कि 57 किग्रा फाइनल में अंशु की भिड़ंत 2016 की ओलंपिक चैंपियन हेलेन लूसी मारोली के खिलाफ हुई। जिसमें उन्हें शिकस्त झेलना पड़ा। हालांकि, 19 साल की अंशु मलिक विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाली देश की पहली महिला पहलवान बन गईं हैं।

दूसरे पीरियड में झेलना पड़ा शिकस्त

आपको बता दें कि फाइनल में अंशु ने अमेरिका की हेलेन लूसी मारोली के खिलाफ आक्रामक और सकारात्मक शुरुआत की। वह दूसरे पीरियड के बाद 1-0 से आगे थीं, लेकिन दूसरे पीरियड में हेलेन पूरी तरह हावी रहीं। हेलेन ने अंशु का हाथ पकड़ा और फिर टेकडाउन मूव के साथ 2-1 की बढ़त बनाई। उन्होंने अंशु के दाएं हाथ को नहीं छोड़ा और दो और अंक के साथ 4-1 से आगे हो गईं।

अंशु की आंखों में नजर आई आंसू

गत एशियाई चैंपियन अंशु काफी दर्द में दिख रही थीं लेकिन अमेरिकी पहलवान ने अपनी पकड़ कमजोर नहीं होने दी। उन्होंने भारतीय पहलवान को चित्त करके जीत हासिल की। अंशु को मुकाबले के तुरंत बाद चिकित्सा सहायता लेनी पड़ी। उनकी आंखों में आंसू नजर आ रहे थे।

सुशील कुमार ने जीता था स्वर्ण

बता दें कि अंशु विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाने वाली भारत की पहली महिला पहलवान हैं। अंशु मलिक विश्व चैंपियनशिप फाइनल में पहुंचने वाली तीसरी भारतीय हैं। उनसे पहले सुशील कुमार और बजरंग पुनिया विश्व चैंपियनशिप का फाइनल खेलने का कमाल कर चुके हैं। जिनमें से सिर्फ सुशील कुमार ही स्वर्ण पदक जीत पाए थे।

पांचवी महिला बनी अंशु मलिक

अंशु मलिक विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली पांचवीं महिला पहलवान हैं। उनसे पहले भारत की 4 महिला पहलवान विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने में सफल रही हैं। गीता फोगाट ने 2012 में (55 किग्रा), बबीता फोगाट ने 2012 में (51 किग्रा), पूजा ढांडा ने 2018 (57 किग्रा) और विनेश फोगाट (53 किग्रा) ने 2019 में कांस्य का तमगा जीता था।

सरिता मोर ने जीता कांस्य

दूसरी ओर 59 किग्रा भार वर्ग में भारत की सरिता मोर ने कांस्य जीतकर बड़े स्तर पर अपना पहला पदक हासिल किया। सरिता ने कांस्य प्लेऑफ में स्वीडन की सारा जोहाना लिंडबोर्ग पर 8-2 से जीत के साथ अपने विश्व चैंपियनशिप पदक सूखे को खत्म किया।

गीता और बबीता ने जीते थे दो पदक

भारतीय महिलाओं का विश्व चैंपियनशिप में अब तक यह सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। भारत ने इस चैंपियनशिप में एक सिल्वर और एक ब्रॉन्ज मेडल जीता है। इससे पहले साल 2012 में गीता और बबीता ने दो ही पदक जीते थे, लेकिन दोनों कांस्य पदक थे। अगर हम अंशु मलिक की बात करें तो वो मात्र 19 साल की है। आपको बता दें कि यह मैच नार्वे के ओस्लो में खेला गया था।

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