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स्वास्थ्य के अलावा किसी अन्य कारणों से कोरोना वैक्सीन न लेने वाले कर्मचारियों को छुट्टी पर भेजेगी यह राज्य सरकार, 15 सितंबर तय…

स्वास्थ्य के अलावा किसी अन्य कारणों से कोरोना वैक्सीन न लेने वाले कर्मचारियों को यह राज्य सरकार छुट्टी पर भेजने वाली है, वो भी 15 सितंबर के बाद। 15 सितंबर आखिरी डेडलाइन है, जिस दिन तक कर्मचारियों को पहला डोज हर हाल में ले लेना होगा। अगर वो पहला डोज नहीं ले पाते हैं तो उन्हें 15 सितंबर के बाद से छुट्टी पर भेज दे जायेगी, जब तक वे पहला वैक्सीन नहीं लेते है।

By Amit ranjan 
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नई दिल्ली : स्वास्थ्य के अलावा किसी अन्य कारणों से कोरोना वैक्सीन न लेने वाले कर्मचारियों को यह राज्य सरकार छुट्टी पर भेजने वाली है, वो भी 15 सितंबर के बाद। 15 सितंबर आखिरी डेडलाइन है, जिस दिन तक  कर्मचारियों को पहला डोज हर हाल में ले लेना होगा। अगर वो पहला डोज नहीं ले पाते हैं तो उन्हें 15 सितंबर के बाद से छुट्टी पर भेज दे जायेगी, जब तक वे पहला वैक्सीन नहीं लेते है।

आपको बता दें कि इस कड़े कदम की घोषणा शुक्रवार को मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह (Amarinder Singh) की है। उन्होंने कहा है कि राज्य के लोगों को महामारी से बचाने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि जिन लोगों को टीका लगाया गया है, उन्हें किसी और के आनाकानी की कीमत नहीं चुकानी पड़ेगी। वर्चुअल कोविड-19 समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्लेषण किए जा रहे आंकड़ों से वैक्सीन की प्रभावशीलता स्पष्ट है। सरकारी कर्मचारियों तक पहुंचने के लिए विशेष प्रयास किए गए और जो लोग टीकाकरण से बचना जारी रखते हैं, उन्हें अब पहली खुराक मिलने तक छुट्टी पर जाने के लिए कहा जाएगा।

वहीं किसी भी स्वास्थ्य कारणों की वजह से कोरोना वैक्सीन न लगवाने वाले कर्मचारियों को राहत दी गई है। शुक्रवार को हुई उच्च स्तरीय वर्चुअल कोविड समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि विश्लेषण के आंकड़ों में वैक्सीन की प्रभावशीलता स्पष्ट हुई है। उन्होंने कहा कि सरकारी कर्मचारियों के टीकाकरण के विशेष प्रयास किए गए हैं लेकिन जो लोग इससे बचते रहे हैं, उन्हें अब पहली खुराक मिलने तक छुट्टी पर जाने के लिए कहा जाएगा।

 

‘स्कूलों में स्थिति नियंत्रण में है’

स्कूल शिक्षा सचिव कृष्ण कुमार ने पहले बताया कि वर्तमान में केवल पूरी तरह से टीकाकरण वाले स्टाफ सदस्यों को ही स्कूलों में आने की अनुमति है। स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिद्धू ने सुझाव दिया कि स्कूल के कर्मचारियों के लिए दूसरी खुराक के अंतर को कम करके 28 दिन कर दिया जाए, लेकिन मुख्य सचिव विनी महाजन ने बैठक में बताया कि केंद्र ने राज्य के अनुरोध को खारिज कर दिया है। मुख्यमंत्री ने संतोष के साथ कहा कि आक्रामक परीक्षण के साथ, स्कूलों में स्थिति नियंत्रण में रही है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि राज्य को आपूर्ति किए गए वैक्सीन स्टॉक का बिना किसी वेस्टेज के उपयोग किया गया है।

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