Home सियासत रामचंद्र मिशन के 75 साल पर बोले पीएम मोदी- COVID-19 के खिलाफ भारत की लड़ाई दुनिया के लिए प्रेरणा बन गई है

रामचंद्र मिशन के 75 साल पर बोले पीएम मोदी- COVID-19 के खिलाफ भारत की लड़ाई दुनिया के लिए प्रेरणा बन गई है

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री ने राम चंद्र मिशन के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। COVID-19 के खिलाफ भारत की सामूहिक लड़ाई पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा बन गई है, पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा। पीएम मोदी श्री राम चंद्र मिशन के 75 साल पूरे होने के एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह मिशन कई सामुदायिक सेवा पहलों में सबसे आगे है।

पीएम मोदी ने कहा श्रीराम चंद्र मिशन के 75 वर्ष पूर्ण होने पर आप सभी को बहुत-बहुत बधाई और शुभकानाएं। राष्ट्र निर्माण में समाज को मजबूती से आगे बढ़ाने में 75 वर्ष का ये पड़ाव बहुत अहम है। लक्ष्य के प्रति आपके समर्पण का ही परिणाम है कि आज ये यात्रा 150 से ज्यादा देशों में फैल चुकी है।

उन्होंने कहा आप सभी ने बाबूजी से मिली प्रेरणा को करीब से महसूस किया है। जीवन की सार्थकता प्राप्त करने के लिए उनके प्रयोग, मन की शांति प्राप्त करने के लिए उनके प्रयास हम सभी के लिए बहुत बड़ी प्रेरणा हैं।

प्रधानमंत्री बोले भारत वैश्विक अच्छाई को आगे बढ़ाने के लिए एक मानव केंद्रित दृष्टिकोण का पालन कर रहा है। यह मानव केंद्रित दृष्टिकोण स्वस्थ, संतुलित, कल्याण और कल्याणकारी धन पर आधारित है।

उन्होंने कहा पिछले 6 वर्षों में, भारत ने दुनिया में दुनिया के सबसे बड़े लोक कल्याण कार्यक्रम में काम किया है। इन प्रयासों का उद्देश्य गरीबों को गरीबों का जीवन सम्मान और अवसर देना है।

मोदी बोले कोरोना महामारी की शुरुआत में भारत की स्थिति को लेकर पूरी दुनिया चिंतित थी, लेकिन आज कोरोना से भारत की लड़ाई दुनिया भर को प्रेरित कर रही है।

पीएम बोले जब दुनिया को COIVD-19 के लिए दवा की जरूरत थी, भारत को उन सभी को भेजने पर गर्व है। भारत वैश्विक टीकाकरण में केंद्रीय भूमिका निभा रहा है। कल्याण के लिए हमारी दृष्टि उतनी ही वैश्विक है जितनी कि घरेलू।

उन्होंने कहा हमारे योग और आयुर्वेद स्वस्थ ग्रह में योगदान कर सकते हैं। इसे दुनिया के सामने प्रस्तुत करना हमारा उद्देश्य है, जिसे वे समझते हैं।

पीएम मोदी ने अपने सम्बोधन में कहा पोस्ट कोरोना विश्व में अब योग और ध्यान को लेकर अब गंभीरता और बढ़ रही है। श्रीमद्भगवद्गीता में लिखा है- सिद्ध्यसिद्ध्योः समो भूत्वा समत्वं योग उच्यते। यानी, सिद्धि और असिद्धि में समभाव होकर योग में रमते हुए सिर्फ कर्म करो, ये समभाव ही योग कहलाता है।

उन्होंने कहा योग के साथ ध्यान की भी आज के विश्व को बहुत अधिक आवश्यकता है। दुनिया के कई बड़े संस्था ये दावा कर चुकी है कि अवसाद मानव जीवन की कितनी बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।

मोदी ने कहा ऐसे में मुझे विश्वास है कि आप अपने कार्यक्रम से योग और ध्यान के जरिए इस समस्या से निपटने में मानवता की मदद करेंगे।

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि 130 करोड़ भारतीयों की सतर्कता कोरोना की लड़ाई में दुनिया के लिए मिशाल बन गई। इस लड़ाई में योग, आयुर्वेद ने भी बहुत बड़ी भूमिका निभाई है। महामारी की शुरुआत में भारत की स्थिति को लेकर पूरी दुनिया चिंतित थी, लेकिन आज कोरोना से भारत की लड़ाई दुनिया भर को प्रेरित कर रही है।

पीएम बोले पोस्ट कोरोना विश्व में अब योग और ध्यान को लेकर अब गंभीरता और बढ़ रही है। श्रीमद्भगवद्गीता में लिखा है- सिद्ध्यसिद्ध्योः समो भूत्वा समत्वं योग उच्यते। यानी, सिद्धि और असिद्धि में समभाव होकर योग में रमते हुए सिर्फ कर्म करो, ये समभाव ही योग कहलाता है।

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