Home Breaking News ‘लाइट हाउस प्रोजेक्ट’ के शिलान्यास के मौके पर पीएम बोले- देश में हाउसिंग कंस्ट्रक्शन को नई दिशा दिखाएंगे

‘लाइट हाउस प्रोजेक्ट’ के शिलान्यास के मौके पर पीएम बोले- देश में हाउसिंग कंस्ट्रक्शन को नई दिशा दिखाएंगे

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नए साल के पहले दिन आज पीएम मोदी ने 6 राज्यों में 6 ‘लाइट हाउस प्रोजेक्ट’ का शिलान्यास किया है। पीएम मोदी ने त्रिपुरा, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात और तमिलनाडु में लाइट हाउस प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी।

कार्यक्रम में सभी छह राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हुए। साल 2017 में जीएचटीसी-भारत के तहत ‘लाइट हाउस परियोजना के निर्माण हेतु छह राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की घोषणा की गई थी।

इस मौके पर पीएम मोदी ने सभी देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा सभी देशवासियों को 2021 की बहुत बहुत शुभकामनाएं।अनेक अनेक मंगलकामनाएं।

पीएम ने कहा आज नई ऊर्जा के साथ, नए संकल्पों के साथ और नए संकल्पों को सिद्ध करने के लिए तेज गति से आगे बढ़ने का आज शुभारंभ है।

उन्होंने कहा एक समय में, आवास योजनाएं केंद्रीय बकरियों की प्राथमिकता नहीं थीं, जितना कि होना चाहिए था। हालाँकि, हम जानते हैं कि परिवर्तन सर्वांगीण विकास के बिना असंभव है। देश ने एक नया तरीका और एक अलग राह अपनाई है।

मोदी बोले ये 6 प्रोजेक्ट वाकई लाइट हाउस यानी प्रकाश स्तंभ की तरह हैं। ये 6 प्रोजेक्ट देश में हाउसिंग कंस्ट्रक्शन को नई दिशा दिखाएंगे।

उन्होंने कहा ये लाइट हाउस प्रोजेक्ट अब देश के काम करने के तौर-तरीकों का उत्तम उदाहरण है। हमें इसके पीछे बड़े विजन को भी समझना होगा। एक समय आवास योजनाएं केंद्र सरकारों की प्राथमिकता में उतनी नहीं थी, जितनी होनी चाहिए। सरकार घर निर्माण की बारिकियों और क्वालिटी में नहीं जाती थी।

मोदी बोले इस वैश्विक चुनौती (COVID-19) ने हमें नई तकनीक के साथ नया करने और इनक्यूबेट करने की गुंजाइश दी है। आज से, विभिन्न स्थानों पर छह लाइट हाउस परियोजनाओं पर काम शुरू हो रहा है। इन परियोजनाओं को आधुनिक तकनीक और नवीन प्रक्रियाओं द्वारा पूरा किया जाएगा।

पीएम बोले ये प्रोजेक्ट आधुनिक तकनीक और इनोवेटिव प्रोसेस से बनेंगे। इसमें कंस्ट्रक्शन का समय कम होगा और गरीबों के लिए ज्यादा affordable और कम्फ़र्टेबल घर तैयार होंगे।

मोदी ने कहा रांची में, हम जर्मनी से 3 डी निर्माण प्रणाली का उपयोग कर रहे हैं। इस पैटर्न में, हर कमरे को अलग से बनाया जाएगा और फिर पूरे ढांचे को लेगो ब्लॉक की तरह जोड़ा जाएगा।

मोदी ने कहा अगरतला में, हम न्यूजीलैंड से स्टील फ्रेम प्रौद्योगिकी का उपयोग करके घरों का निर्माण कर रहे हैं। यह घरों को भूकंप के जोखिम से रोकने के लिए है।

मोदी बोले लखनऊ में, हम कनाडा से प्रौद्योगिकी का उपयोग कर रहे हैं। इसमें प्लास्टर और पेंट की जरूरत नहीं होगी और पूर्व निर्मित दीवारों का उपयोग किया जाएगा।

उन्होंने कहा विशेषज्ञों को तो इसके विषय में पता है। लेकिन देशवासियों को भी इनके बारे में जानना जरूरी है। क्योंकि आज तो ये तकनीक एक शहर में इस्तेमाल हो रही है , कल को इन्हीं का विस्तार पूरे देश में किया जा सकता है।

उन्होंने कहा ये परियोजनाएं हमारे योजनाकारों, इंजीनियरों, वास्तुकारों और छात्रों से सीखने के लिए ऊष्मायन केंद्र हैं। वे नई तकनीक पर भी प्रयोग कर सकेंगे।

मोदी ने कहा अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए, हम आशा इंडिया परियोजना चला रहे हैं। इसके माध्यम से, हम 21 वीं सदी के लिए घर बनाने के लिए नई और सस्ती तकनीक विकसित कर रहे हैं।

मोदी बोले देश में ही आधुनिक हाउसिंग तकनीक से जुड़ी रिसर्च और स्टार्टअप्स को प्रमोट करने के लिए आशा इंडिया प्रोग्राम चलाया जा रहा है। इसके माध्यम से भारत में ही 21वीं सदी के घरों के निर्माण की नई और सस्ती तकनीक विकसित की जाएगी।

पीएम ने कहा अब देश का फोकस है गरीब और मध्यम वर्ग की जरूरतों पर। अब देश ने प्राथमिकता दी है शहर में रहने वाले लोगों की संवेदनाओं और उनकी भावनाओं को।

पीएम बोले बैंक की ऊंची ब्याज दर, कर्ज मिलने में होने वाली दिक्कतें भी इसका एक कारण थीं।

उन्होंने कहा घरों की कीमतें इतनी ज्यादा हो गईं थी कि अपने घर का भरोसा टूटने लगा था। एक वजह ये थी कि कानून हमारा साथ देगा या नहीं, हाउसिंग सेक्टर की ये स्थिति थी कि लोगों को शंका थी कि गड़बड़ हो जाने की स्थिति में कानून उनका साथ नहीं देगा।

मोदी बोले शहर में रहने वाले गरीब हों या मध्यम वर्ग, इन सबका सबसे बड़ा सपना होता है, अपना घर। वो घर जिसमें उनकी खुशियां, सुख-दुख, बच्चों की परवरिश जुड़ी होती हैं। लेकिन बीते वर्षों में लोगों का अपने घर को लेकर भरोसा टूटता जा रहा था।

पीएम ने कहा अगर हम पीएम आवास योजना के तहत किए गए काम को देखें, तो आप पाएंगे कि इनोवेशन और इंप्लीमेंटेशन पर भी फोकस है। घर-मालिक की स्थानीय जरूरतों और मांगों के अनुसार निर्माण सामग्री में नवाचार किया गया है।

मोदी ने कहा अगर हम पीएम आवास योजना के अंतर्गत बनाएं गए लाखों घरों के काम पर नजर डालें तो उसमें innovation और implementation दोनों पर फोकस मिलेगा।

मोदी बोले गरीबों को मिलने वाले घर के साथ-साथ दूसरी योजना को भी एक पैकेज की तरह जोड़ा गया है। गरीब को जो घर मिल रहे हैं, उसमें पानी, बिजली, गैस, शौचालय और अन्य आवश्यक सुविधाएँ सुनिश्चित की जा रही हैं।

उन्होंने आगे कहा RERA ने लोगों को वास्तविकता परियोजनाओं पर फिर से विश्वास करने में मदद की है और परियोजनाएं पूरी हो जाएंगी। आज, 60,000 अचल संपत्ति परियोजनाएं RERA के तहत पंजीकृत हैं। हजारों मामले भी कानून के तहत हल किए गए हैं।

अपने सम्बोधन में मोदी बोले सरकार के प्रयासों का बहुत बड़ा लाभ शहरों में रहने वाले मध्यम वर्ग को हो रहा है। मध्यम वर्ग को अपने घर के लिए एक तय राशि के होम लोन पर ब्याज में छूट दी जा रही है। कोरोना संकट के समय भी सरकार ने होम लोन पर ब्याज पर छूट की विशेष योजना शुरु की।

पीएम ने कहा लोगों के पास अब RERA जैसे कानून की शक्ति भी है। RERA ने लोगों में ये भरोसा लौटाया है कि जिस प्रोजेक्ट में वो पैसा लगा रहे हैं, वो पूरा होगा, उनका घर अब फसेंगा नहीं।

उन्होंने कहा आज देश में लगभग 60 हजार रियल एस्टेट प्रोजेक्ट RERA के तहत रजिस्टर्ड हैं। इस कानून के तहत हजारों शिकायतों का निपटारा किया जा चुका है।

मोदी बोले #Housing4All, इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए जो चौतरफा काम किया जा रहा है, वो करोड़ गरीबों और मध्यम वर्ग परिवारों के जीवन में परिवर्तन ला रहा है। ये घर गरीबों के आत्मविश्वास को बढ़ा रहे हैं। ये घर देश के युवाओं का सामर्थ्य को बढ़ा रहे हैं।

मोदी ने कहा इन घरों की चाबी से कई द्वार खुल रहे हैं। घर की चाबी हाथ आने से सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन का द्वार खुलता है। इससे एक आत्मविश्वास आता है। ये चाबी उनकी प्रगति का द्वार भी खोल रही है।

इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘आवास की इस योजना में उत्तर प्रदेश के शहरी क्षेत्र में सभी के लिए अब तक 17 लाख से ज्यादा परिवारों को आवास उपलब्ध कराया गया है, जिनमें से 615,000 आवास पूरा होकर सभी गरीब परिवारों को उपलब्ध कराए जा चुके हैं।’

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ‘पीएम मोदी जी का संकल्प है कि 2022 तक हर गरीब के पास अपना मकान होगा। ये कहते हुए प्रसन्नता होती है कि शहरी क्षेत्र में 1 करोड़ और ग्रामीण क्षेत्र में 3 करोड़ घरों के निर्माण का काम किया गया है।’

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