Home सियासत कोरोना पर पीएम मोदी ने कहा कोरोना की लड़ाई लापरवाही में नहीं बदलना चाहिए

कोरोना पर पीएम मोदी ने कहा कोरोना की लड़ाई लापरवाही में नहीं बदलना चाहिए

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देश में कोरोना का एक बार फिर अपने भयानक रूप सामने आ रहा है। कोरोना के नए मामले सामने आने के बाद देश में बिगड़ते हालात से निपटने को लेकर पीएम मोदी ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की।

इस बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल नहीं हो सके।  बैठक के बाद पीएम मोदी ने देश को संबोधित किया।

आपको बता दें कि देश में बीते कुछ दिनों से कोरोना के प्रतिदिन 20 हजार से अधिक कोरोना के नए मामले सामने आ रहे हैं। महाराष्ट्र, गुजरात, केरल, पंजाब और कर्नाटक ऐसे राज्य हैं, जहां ताजा मामलों के करीब 75 फीसदी केस सामने आ रहे है।

पीएम मोदी ने अपने सम्बोधन में कहा कि अगर हम इस महामारी को नहीं रोकते हैं, तो यह एक राष्ट्रीय प्रकोप जैसी स्थिति पैदा कर सकता है। हमें जल्द से जल्द COVID के बढ़ते दूसरे शिखर को रोकना चाहिए। इसके लिए हमें त्वरित और निर्णायक कदम उठाने की जरूरत है।

उन्होंने आगे कहा कि कोरोना के खिलाफ देश की लड़ाई को एक साल से ज्यादा हो रहा है। भारत के लोगों ने कोरोना का जिस प्रकार सामना हो रहा है, उसे लोग उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करते हैं। आज देश में 96 प्रतिशत से ज्यादा मामले रिकवर हो चुके हैं। मृत्यु दर में भी भारत सबसे कम दर वाले देशों में है।

मोदी ने देश में बढ़ती कोरोना मामले को लेकर बोलै कि कुछ राज्यों में केसों की संख्या बढ़ रही है। देश के 70 जिलों में ये वृद्धि 150 प्रतिशत से ज्यादा है। हमें कोरोना की इस उभरती हुई “सेकंड पीक” को तुरंत रोकना होगा। इसके लिए हमें Quick और Decisive कदम उठाने होंगे।

जैसे जैसे कोरोना के मामले बढ़ रहे है वैसे वैसे वैसे देश की आम जनता की चिंता बढ़ती जा रही है जिसे बाद देश की जनता का आत्मविश्वाश को बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री ने अपने संबिधान में कहा कि कोरोना की लड़ाई में हम आज जहां तक पहुंचे हैं, उससे आया आत्मविश्वास, लापरवाही में नहीं बदलना चाहिए। हमें जनता को पैनिक मोड में भी नहीं लाना है और परेशानी से मुक्ति भी दिलानी है।

उन्होंने आगे कहा कि हमें यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि लोग पैनिक मोड में न जाएं। हमें पहल करनी होगी और लोगों को इन समस्याओं से मुक्त करना होगा। हमें अपने प्रयासों में अपने अनुभवों का उपयोग करना होगा।

मोदी बोले ‘टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट’ को लेकर भी हमें उतनी ही गंभीरता की जरूरत है जैसे कि हम पिछले एक साल से करते आ रहे हैं। हर संक्रमित व्यक्ति के contacts को कम से कम समय में ट्रैक करना और RT-PCR टेस्ट रेट 70 प्रतिशत से ऊपर रखना बहुत अहम है।

मोदी ने कहा हमें छोटे शहरों में टेस्टिंग को बढ़ाना होगा। हमें छोटे शहरों में “रेफरल सिस्टम” और “एम्बुलेंस नेटवर्क” के ऊपर विशेष ध्यान देना होगा।

मोदी ने कोरोना टेस्ट को लेकर भी बात की। उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि हर संक्रमित व्यक्ति के संपर्कों को जल्द से जल्द ट्रैक करना होगा और RT-PCR दर को 70% से अधिक रखना होगा। कई राज्यों में, तेजी से एंटीजन परीक्षण पर जोर दिया जा रहा है, जिसमें परिवर्तन की आवश्यकता है। देश के हर राज्य को RT-PCR टेस्ट पर अधिक जोर देने की जरूरत है।

अपने सम्बोधन में कोरोना की टीकारण पर बात करते हुए कहा कि देश में वैक्सीनेशन की गति लगातार बढ़ रही है। हम एक दिन में 30 लाख लोगों को वैक्सीनेट करने के आंकड़े को भी पार कर चुके हैं। लेकिन इसके साथ ही हमें वैक्सीन doses waste होने की समस्या को बहुत गंभीरता से लेना है।

उन्होंने टीकाकरण पर बात करते हुए आगे कहा कि कोरोना की लड़ाई में वैक्सीन प्रभावी हथियार है। देश में वैक्सीनेशन की गति लगातार बढ़ रही है। हम एक दिन में 30 लाख लोगों को वैक्सीनेट करने के आंकड़े को भी पार कर चुके हैं।

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