Home Breaking News बोला निर्भया का दोषी- ‘दिल्ली में वैसे ही मर रहे लोग, फांसी की जरूरत ही क्या है’

बोला निर्भया का दोषी- ‘दिल्ली में वैसे ही मर रहे लोग, फांसी की जरूरत ही क्या है’

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भारत की कानून व्यवस्था को अब बलात्कारी भी मर्यादा का पाठ पढ़ा रहे हैं। हम बड़े ही शर्म के साथ आगे जो बताने जा रहे हैं, वो सिर्फ एक खबर नहीं बल्कि, सुस्त सिस्टम के गाल पर बलात्कारी के हाथों का पड़ा करारा तमाचा है। दरअसल, मामला कुछ यूं है कि निर्भया रेप केस में दोषी अक्षय कुमार ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल की है।


निर्भया की जिस्म नोच कर मौत के घाट उतारने वाले दरिदों को मौत की सजा मिली है। लेकिन, फांसी की सजा पाने वाले अक्षय ने पुनर्विचार याचिका में कई तरह की दलीलें दी हैं। उसने कहा है कि दिल्ली के लोग वैसे हवा-पानी के प्रदूषण से मर रहे हैं फिर फांसी की जरूरत ही क्या है ?

अपनी याचिका में बलात्कारी (अक्षय) लिखता है, “दिल्ली में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर है, यह गैस चैंबर में तब्दील हो चुकी है। ऐसे में उसे मृत्यु दंड अलग से देने की क्या जरूरत है ?


आपको बता दें कि दिसंबर 2012 में दिल्ली में 23 साल की निर्भया के साथ चलती बस में गैंगरेप किया था। हालांकि, दरिंदो की दरिंदगी के बाद भी निर्भया की सांसे चल रही थी, लेकिन बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

इसी मामले को लेकर उस वक्त बलात्कारियों के खिलाफ गुस्से का गुब्बार भी फूटा था, जिसपर संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने दोषियों को सख्त सजा सुनाई थी। लेकिन, कानून की लाचारी देखिए कि 7 साल बाद भी इन हैवानों की सांसे चल रही है और न सिर्फ सांसे चल रही है बल्कि अपने किये की सजा भुगत रहा आरोपी निकम्मी सरकार और सिस्टम को मसवरा भी दे रहा है।

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