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इस ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी ने खरीदी तीन ‘देसी’ स्टार्टअप में हिस्सेदारी, अगले 1-2 सालों में इतने डॉलर और निवेश की योजना

This online food delivery company bought stake in three 'desi' startups; जोमैटो ने तीन भारतीय स्टार्टअप्स में 17.5 करोड़ डॉलर निवेश का किया ऐलान। क्विक कॉमर्स सेक्टर के स्टार्अटप पर विशेष रहेगा फोकस।

By RNI Hindi Desk 
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नई दिल्ली : वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान कई सेक्टर की हालत खराब हुई तो कई सेक्टर्स में एक नया विकल्प उभर कर सामने आया। उनमें से एक था ऑनलाइन फूड डिलीवरी का सेक्टर। जब इस महामारी में खानेपीने के सभी होटल व रेंस्तरा बंद थे, तब ऑनलाइन फूड डिलीवरी का सेक्टर बूम पर था। ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी जोमैटो ने तीन भारतीय स्टार्टअप्स- शिपरॉकेट, क्योरफिट और मैजिकपिन में 17.5 करोड़ डॉलर निवेश का ऐलान किया। शेयर बाजार में इस साल धमाकेदार लिस्टिंग के साथ एंट्री करने वाली जोमैटा का इरादा इन निवेश से अपने बिजनेस में विविधता लाना है।

जोमैटो ने बताया कि वह अगले 1-2 सालों में 1 अरब डॉलर और निवेश करने की योजना बना रही है और इस दौरान क्विक कॉमर्स सेक्टर के स्टार्अटप पर विशेष फोकस रहेगा। एक रिपोर्ट में बताया था कि शिपरॉकेट में 7.5 करोड़ डॉलर निवेश करने के लिए जोमैटो बातचीत कर रही है।

इससे पहले एक और रिपोर्ट में बताया था कि कंपनी मैजिकपिन सहति कई स्टार्टअप्स में निवेश की एक बड़ी योजना बना रही है। जोमैटो ने कहा कि उसकी नजर फूड और क्विक कॉमर्स सेगमेंट में अच्छा कर रही स्टार्टअप है।

जोमैटो में लॉन्ग-टर्म में मजबूत ग्रोथ को ध्यान में रखते हुए फूड और इससे जुड़े पूरे इकोसिस्टम में निवेश करने की योजना बना रही है। कंपनी का इरादा फूड सेक्टर के अलावा दूसरी कंपनियों में निवेश और साझेदारी करके एक हाइपरलोकल ई-कॉमर्स इकोसिस्टम का निर्माण करना है।

जोमैटो ने कहा कि उसका लक्ष्य 10 अरब डॉलर की मार्केट वैल्यू कंपनी बनना है। हालांकि उसने इस लक्ष्य को हासिल करने की कोई समयसीमा नहीं बताई। जोमैटो के सीईओ दीपिंदर गोयल ने कहा, “”हम मानते हैं कि भारत में फूड डिलीवरी मार्केट अभी भी शुरुआती अवस्था में है और अगले कुछ वर्षों में बाजार में कम से कम 10 गुना ग्रोथ की अवसर है। ऐसा संभव हो सके, इसके लिए हम मार्केट क्रिएशन में भारी निवेश करना जारी रखने जा रहे हैं। इसके अलावा हम फूड डिलीवरी बिजनेस के आसपास के इकोसिस्टम में मौजूदा कंपनियों में निवेश करना भी जारी रखेंगे, जिससे एक बेहतर फूड डिलीवरी बिजनेस चलाने की लागत कम की जा सके।”

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