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International Rural Women’s Day : …तो इसलिए प्रत्येक वर्ष 15 अक्टूबर को मनाया जाता है “अंतर्राष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस”

International Day of Rural Women ; भारत में, कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय, कृषि के क्षेत्र में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने के लिए 2016 से राष्ट्रीय महिला किसान दिवस के रूप में मनाता है।

By Amit ranjan 
Updated Date

रिपोर्ट : नीतिश कुमार

International Day of Rural Women :  अंतर्राष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस प्रत्येक वर्ष 15 अक्टूबर को विश्व स्तर पर मनाया जाता है। यह दिन ग्रामीण परिवारों और समुदायों की स्थिरता सुनिश्चित करने, ग्रामीण आजीविका और समग्र कल्याण में सुधार करने में महिलाओं और लड़कियों की महत्वपूर्ण भूमिका को पहचानने के उद्देश्य से मनाया जाता है।  जबकि भारत में, कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय, कृषि के क्षेत्र में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने के लिए 2016 से राष्ट्रीय महिला किसान दिवस के रूप में मनाता है।

वर्ष 2021 के लिए संयुक्त राष्ट्र ने “सभी के लिए अच्छे भोजन की खेती करने वाली ग्रामीण महिलाएं” की थीम रखी। वहीं भारत में ग्रामीण विकास मंत्रालय ने कू के माध्यम से कहा कि सुमन बाला जैसी महिलाएं ग्रामीण भारत की महिलाओं के लिए प्रेरणा हैं। पोस्ट में कहा गया, ‘दीन दयाल उपाध्याय ‘ग्रामीण कौशल्या योजना’ के तहत ग्रामीण महिलाओं को पहचान मिली। आज सुमन बाला जैसी लाखों ग्रामीण महिलाएं अपने कौशल का निर्माण कर रही हैं, रोजगार पा रही हैं और दूसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं।”

 

बता दें कि प्रत्येक वर्ष किसी विशेष थीम अंतर्राष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस मनाया जाता है।

2020 की थीम : अंतरराष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस 2020 का थीम था-  “Building rural women’s resilience in the wake of COVID-19”  है।

2019 की थीम : अंतरराष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस 2019 का विषय ‘Rural Women and Girls Building Climate Resilience’ है।

2018 की थीम : अंतरराष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस 2018 का विषय था – Sustainable infrastructure, services and social protection for gender equality and the empowerment of rural women girls ।

2017 की थीम : अंतरराष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस वर्ष 2017 में इस दिवस का मुख्य विषय था -‘‘Challenges and Opportunities in climate-resilient agriculture for gender equality and the empowerment of rural woman and girls” था।

2016 की थीम : अंतरराष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस वर्ष 2016 में इस दिवस का मुख्य विषय था-”Climate is Changing Food and Agriculture must too” था।

कब हुई थी इसकी शुरुवात

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 15 अक्टूबर 2008 को पहला अंतरराष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस (International Day Of Rural Women)  मनाया था। जिसके बाद से अंतर्राष्ट्रीय ग्रामीण महिला दिवस (International Day Of Rural Women) हर साल मनाया जा रहा है। विकासशील देशों में करीब 43 फीसदी महिलाएं कृषि श्रमिक के रूप में कार्य करती हैं तथा खाद्य क्षेत्र से जुड़ी रहती हैं। यह दिन पूरे देश की कृषि संरचना में ग्रामीण महिलाओं के योगदान को पहचान दिलाने के लिए मनाया जाता है। जिसमें स्वदेशी महिलाएं भी शामिल हैं। वे महिलाएं ग्रामीण विकास में भी काफी योगदान देती हैं और गांवों में गरीबी को दूर करने में हिस्सा लेती हैं।

वहीं, संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि ग्रामीण महिलाएं देश की खाद्य प्रणाली का एक अभिन्न अंग हैं क्योंकि वे भोजन प्रोसेगिंग में काफी मात्रा में शामिल होती हैं। इसका मतलब है कि समुदाय के पोषण पर उनका सीधा प्रभाव पड़ता है। उनके इतने अमूल्य योगदान के बावजूद, उन्हें अपने घर और समाज में असमानता, भेदभाव और हिंसा जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उन्हें भोजन की कमी से जूझना पड़ता है जिसके चलते वो कुपोषण जैसी बिमारियों का शिकार हो जाती हैं।

ग्रामीण महिलाओं पर महामारी का प्रभाव

कोरोना महामारी ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं के सामने आने वाली चुनौतियों की खाई को और भी चौड़ा कर दिया है। कोरोना ने ग्रामीण महिलाओं के लिए दैनिक कामों को और भी कठिन बना दिया है। आय के नुकसान और भोजन की कम पहुंच के अलावा, अब ग्रामीण महिलाओं को बीमारी से भी जूझना पड़ रहा है।

संयुक्त राष्ट्र महिला की नई रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीण महिलाओं के विकास के लिए खाद्य प्रणाली को फिर से बनाने की आवश्यकता है। उनको आगे ले जाने के लिए  सरकार और समाज के नेताओं के बीच बेहतर संचार की जरूरत है। पूरे इतिहास में, हमने ग्रामीण महिलाओं को पेड़ों को काटने से रोकने या बांधों के निर्माण को रोकने के लिए आंदोलन और विरोध का नेतृत्व करते देखा है। वे हमेशा समाज का एक अभिन्न अंग रहेंगी और सरकारों को उनके हितों की रक्षा के लिए और अधिक काम करना होगा।

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