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सांप के काटने के बाद बच्चों को मरा समझकर नदी में बहाया, कुछ दिन बाद बंगाल से फोन आया- बच्चे जिंदा हैं

बिहार में एक अजीबो गरीब घटना सामने आई है। यहां सांप काटने के बाद जिन बच्चों की मौत हो गई थी और उनके शव को नदी में प्रवाहित कर दिया गया था। वो जिंदा हो गए हैं। और उसके जिंदा होने की खबर सैकड़ों किलोमीटर दूर बंगाल से आई है।

By RNI Hindi Desk 
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पटना: बिहार में एक अजीबो गरीब घटना सामने आई है। यहां सांप काटने के बाद जिन बच्चों की मौत हो गई थी और उनके शव को नदी में प्रवाहित कर दिया गया था। वो जिंदा हो गए हैं। और उसके जिंदा होने की खबर सैकड़ों किलोमीटर दूर बंगाल से आई है।

दरअसल बिहार के नवगछिया में दो अलग-अलग जगहों पर दो बच्चों को सांप ने काट लिया था जिसके बाद बच्चे का शरीर ठंडा पड़ गया। इसके बाद बच्चों के परिजनों ने उनका झाड़-फूंक कराया। इसके बाद बच्चों को मृत मानकर उसे मान्यता के अनुसार अंतिम संस्कार नहीं करके बल्कि उसे नदी में प्रवाहित कर दिया गया। माता -पिता ने मान लिया कि अब उनके बच्चे नहीं रहे हैं और धीरे-धीर इस गम से उबरने की कोशिश करने लगे।

बंगाल से एक कॉल आती है और…

तभी उनके पास एक कॉल आती है और कहा जाता है कि उनका बच्चा जिंदा है। जिसके बाद मां बाप के खुशी का ठिकाना नहीं रहता है। और वो फिर से अपने बच्चों की तलाश में लग जाते हैं, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिलती है। ऐसा एक नहीं दो-दो मामले सामने आये हैं और दोनों मामले नवगछिया के ही हैं। दोनों बच्चों के माता-पिता ने डीआईजी सुजीत कुमार से बच्चों को खोजने की गुहार लगाई है। जिसके बाद डीआईजी ने नवगछिया एसपी को खुद इस मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।

तब शव को नदी में किया था प्रवाहित

बताया जा रहा है कि नवगछिया के जिन दो बच्चों को सांप के काटने के बाद नदी में बहा दिया गया, उनमें छह साल का अक्षय रंगरा थाना क्षेत्र के उसरैहिया गांव का रहने वाला है। जबकि दूसरा बच्चा 11 साल का लवकुश है जो परबत्ता थाना क्षेत्र के गोनरचक का रहने वाला है। लवकुश की मां माला देवी और अक्षय की मां आभा देवी ने डीआईजी को आवेदन दिया है जिसमें बच्चों को खोजने में मदद करने की गुहार लगाई है। लवकुश की मां माला देवी का कहना है कि उनके बेटे को इसी साल अप्रैल महीने में सांप ने काटा था। इसके बाद उसे नदी में बहा दिया गया। अक्षय की मां आभा देवी ने बताया कि उनके बेटे को पिछले साल अगस्त में ही सांप ने काटा था। इसके बाद बेटे को नदी में बहा दिया गया था। कुछ दिनों पहले बंगाल से एक शख्स का फोन आया था और बच्चे के जिंदा होने की बात कही थी। इसके बाद जब वो नवगछिया पुलिस के पास मदद के लिए गईं तो पुलिस ने उनकी कोई मदद नहीं की।

बच्चों के जिंदा होने का दिया सबूत

दोनों बच्चों के माता-पिता का दावा है कि बंगाल से कॉल करने वाले शख्स ने वीडियो कॉल करके और व्हाट्सएप पर वॉइस रिकॉर्डिंग भेजी है, जिसमें दोनों बच्चों को दिखाया है और उसकी आवाज भी सुनाई है। लेकिन अब जब दोबारा उसपर कॉल कर रहे हैं तो वो नंबर बंद आ रहा है। इससे उनकी चिंत बढ़ गई है। पीड़ित परिवार ने बताया कि पैसे की दिक्कत और परिवार में कोई पढ़ा लिखा नहीं होने की वजह से बच्चे को खोजने में परेशानी हो रही है।

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