Home उत्तराखंड तीर्थनगरी ऋषिकेश में नगर निगम के दावों की खुली पोल, खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर लोग

तीर्थनगरी ऋषिकेश में नगर निगम के दावों की खुली पोल, खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर लोग

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तीर्थनगरी ऋषिकेश में कड़ाके की ठंड पड़ी हुई है। बावजूद इसके लोग खुले आसमान के नीचे सोने पर मजबूर हो रहे हैं। नगर निगम द्वारा बनाए गए रैन बसेरों में ताले लगे हुए हैं। सुरक्षा के कोई इंतजाम इन रैन बसेरों में नहीं किए गए हैं।

जिस कारण गरीब लोग सड़कों पर गंगा नदी के किनारे कड़कड़ाती हुई ठंड में सोने पर मजबूर हो रहे हैं। जब उनसे बातचीत की गई तो कुछ लोगों ने बताया कि उनको पता नहीं है, कि ऋषिकेश में रैन बसेरा कहां पर बना हुआ है। कुछ ने बताया कि रैन बसेरों में शराबियों का नशेड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है। वहां नशेड़ी लोग वहां जाने वालों के साथ मारपीट करते हैं। और सामान चोरी कर लेते हैं। इसी डर से हम लोग रेन बसेरे में नहीं सोते हैं। नगर निगम द्वारा रैन बसेरे तो बना दिए गए हैं लेकिन उनकी देखरेख का कोई भी कार्य नहीं किया जा रहा है। जिसका खामियाजा इन गरीब बेसहारा तबके के लोगों को भुगतना पड़ रहा है ।

वहीं इस बाबत जब मुख्य नगर आयुक्त नरेंद्र सिंह से बातचीत की गई, तो उन्होंने दावो को एकदम खारिज करते हुए बताया। कि हमारी तरफ से रैन बसेरे में लगातार व्यवस्था की गई है और वहां पर चौकीदार भी रखे हुए हैं। लोगों को वहां पर सोने की व्यवस्था की गई है। जबकि हमने रियलिटी चेक की तो हमें रैन बसेरे में ताला लटका हुआ मिला। एक रैन बसेरे में कुछ लोग सो रहे थे। जब उनसे बातचीत की गई तो पता चला कि वह स्थानीय लोग हैं जो रात वही गुजारते हैं ।

रैन बसेरा नहीं होने के कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना उठाना पड़ता है। नगर निगम द्वारा कहीं भी इन गरीब लोगों के लिए अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। जिससे यह ठिठुरती हुई ठंड में खुले आसमान के नीचे किसी की दुकान के आगे सोने पर मजबूर हो रहे हैं।

(संवाददाता अमित सिंह कंडियाल की रिपोर्ट)

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