मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 को नर्मदापुरम जिले के माखन नगर (बाबई) में आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन से मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की 32वीं किस्त का सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरण किया। शाम 4.48 बजे प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख से अधिक लाड़ली बहनों के खातों में ₹1500 प्रति हितग्राही की राशि ट्रांसफर की गई। इस किस्त में कुल ₹1836 करोड़ से अधिक की राशि बहनों को मिली।

इसके साथ ही 29 लाख बहनों को गैस सिलेंडर रीफिलिंग के लिए ₹90 करोड़ से अधिक की अतिरिक्त सहायता भी सीधे खातों में भेजी गई। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान ₹206 करोड़ के विभिन्न विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण भी किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने क्षेत्र के विकास को गति देने के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023-24 से लंबित पिपरिया-नर्मदापुरम-बनखेड़ी फोर-लेन सड़क निर्माण को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा 42 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को लाभ पहुंचाने वाली बागरा-साखा-होज सिंचाई परियोजना, पिपरिया के सुहागपुर में 30 गांवों के लिए 6 हजार हेक्टेयर क्षेत्र की सिंचाई योजना (₹128.71 करोड़), ग्राम मरोड़ा से माखन नगर तक पुल निर्माण (₹122 करोड़) जैसी परियोजनाओं की भी घोषणा की गई।

मुख्यमंत्री ने सुहागपुर क्षेत्र में शासकीय कॉलेज खोलने की घोषणा करते हुए कहा कि इससे क्षेत्र के युवाओं को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे और पलायन रुकेगा।
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की शुरुआत जून 2023 में हुई थी।
नवंबर 2025 से सहायता राशि बढ़ाकर ₹1500 प्रतिमाह की गई।
जून 2023 से दिसंबर 2025 तक कुल ₹48,632 करोड़ 70 लाख का अंतरण।
जनवरी 2024 से दिसंबर 2025 के बीच ₹38,635 करोड़ 89 लाख सीधे खातों में भेजे गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और सम्मान देने का मजबूत माध्यम बन चुकी है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया, लाड़ली बहनों पर पुष्पवर्षा कर अभिनंदन किया और माखन नगर में रोड शो के माध्यम से जनता का अभिवादन स्वीकार किया। कार्यक्रम में सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं, किसानों और युवाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। लाड़ली बहना योजना के साथ-साथ सड़क, सिंचाई, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास से नर्मदापुरम संभाग को नई पहचान मिलेगी।